रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो रही हैं। गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य के गृह सचिव, डीजीपी, नगर विकास सचिव और सभी जिलों के जिलाधिकारी-एसपी शामिल हुए। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई और चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कुछ जिलों द्वारा रिपोर्ट न भेजे जाने पर नाराजगी जताई और सभी जिलों को तुरंत अपनी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। विशेष रूप से गोड्डा, दुमका और सरायकेला-खरसावां जिलों में मतपेटिका की उपलब्धता, मरम्मत और आवश्यकताओं से संबंधित जानकारी पर जोर दिया गया। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिया गया कि चुनाव के लिए आवश्यक व्यय राशि का आकलन कर जिलों को उपलब्ध कराएं। वहीं मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक सुरक्षा बलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का नगर निकाय चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इसके साथ ही निर्वाचन कर्मियों, पर्यवेक्षकों और अन्य अधिकारियों का प्रशिक्षण इसी महीने पूरा कर लिया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा कि मेयर और अध्यक्ष के आरक्षण को अंतिम रूप देने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के निर्णय पर आपत्ति दर्ज करने का कोई समय सीमा नहीं होगी। हालांकि, आयोग की तत्परता और तैयारियों के आधार पर मार्च 2026 से पहले राज्य के 48 नगर निकायों में चुनाव संपन्न होने की उम्मीद है।


