नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए कथित भर्ती और धन जुटाने से जुड़े धनशोधन मामले में बेंगलुरु के आठ ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज मामले में की गई।
एनआईए की जांच के आधार पर कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, मामला बेंगलुरु स्थित एक ट्रस्ट और उससे जुड़े कुछ व्यक्तियों से संबंधित है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आतंकवाद के लिए धन जुटाने, आतंकी गतिविधियों की तैयारी और भर्ती से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया था।
अब तक इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कई आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।
कट्टरपंथ और भर्ती का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपितों पर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल कराने की साजिश रचने का आरोप है। आरोपपत्र में दावा किया गया है कि कुछ प्रशिक्षण कार्यक्रमों और धार्मिक बैठकों के माध्यम से युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रभावित किया गया।
जांच में यह भी आरोप है कि धन जुटाकर युवाओं की विदेश यात्रा की व्यवस्था की गई, ताकि वे प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ सकें। इसके अलावा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने तथा सुरक्षित सामाजिक माध्यमों के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि तलाशी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
