बेहतर झारखंड व झारखंड चैंबर के द्वारा इस्टर्न इंडिया-विकसित भारत के लिए विकास का इंजन सत्र का आयोजन

बिरसा भूमि लाइव

रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेहतर झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में होटल रैडिशन ब्लू में विकसित भारत के लिए इंजन ऑफ ग्रोथ-ईस्टर्न इंडिया नामक इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुख्य अतिथि के रूप में और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी सम्माननीय अतिथि के रूप में शामिल हुए।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बेहतर झारखंड के बिना पूर्वी भारत का और पूर्वी भारत के विकास बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंतरिम बजट में महत्वपूर्ण आवंटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने केंद्र द्वारा उपेक्षाओं के दावों को खारिज करते हुए बताया कि झारखंड में केवल रेलवे परियोजनाओं के लिए 7234 करोड़ रू0 का आवंटन किया गया है जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर प्रकाश डाला जिनके मार्गदर्शन में झारखंड में नवंबर 2023 तक 100 प्रतिशत रेलवे बिजलीकरण, 57 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास, 3 वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत और वाराणसी रांची कोलकाता ग्रीन फील्ड कॉरिडोर जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने झारखंड के खनिज संसाधनों के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आर्थिक विकास के लिए स्थानीय निवेश और विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास के लिए आदिवासी समुदाय की राय जानना जरूरी है और इस संबंध में प्रधानमंत्री द्वारा कमजोर वर्गों के लिए किये गये प्रयासों का उल्लेख किया जिसमें माननीय राष्ट्रपति महोदया के मार्गदर्शन का भी समावेश है। उन्होंने क्षेत्र में भ्रष्टाचार और युवा प्रतिभा के अपव्यय जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सुधारों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

अपने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बेहतर झारखंड पहल की सराहना की। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रयासों की भी प्रशंसा की। विशेष रूप से विश्वकर्मा योजना का उल्लेख किया जो अपने हाथों और औजारों से काम करनेवाले कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र सहायता प्रदान करती है। उन्होंने भारत के विभिन्न आदिवासी समुदायों से सीखने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और सामूहिक विकास को बढावा देने के एक नवीन दृष्टिकोण के रूप में एक आदिवासी सांस्कृतिक गलियारे के निर्माण का सुझाव दिया।

बेहतर झारखंड के सयोजकों में से एक विवेक सिंह ने बताया कि अंतरिम बजट 2024 के दौरान पूर्वी भारत से संबंधित एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा की गई है। यह भी कहा कि पूर्वी भारत का रूपांतरण पहले ही शुरू हो चुका है। उदाहरण के लिए 1 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री ने झारखंड के सिंदरी में पुनजीर्वित 12.7 लाख मीट्रिक टन यूरिया संयंत्र का उद्घाटन किया जिसकी परियोजना लगभग दो दशक बाद फिर से शुरू हुई थी। इसके बाद गोरखपुर और बरौनी में अन्य उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया गया जो पूर्वी क्षेत्र के उर्वरक उत्पादन के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में पुनरूत्थान का प्रतीक है। इसी तरह बेहतर झारखंड के एक अन्य संयोजक मयूर शेखर झा ने कहा कि बेहतर झारखंड का उद्देश्य बीते समय में हुई गलतियों पर शिकायत करना नहीं है। हम विभिन्न झारखंडी हितधारकों को एक साथ लाना चाहते हैं ताकि हम बेहतर कल के लिए काम कर सकें।

संगोष्ठी के दौरान चैंबर के पूर्व अध्यक्ष के.के पोद्दार, कुणाल अजमानी, मनोज नरेडी समेत अन्य उद्यमियों द्वारा वित्त मंत्री से सीधे संवाद के जरिए सवाल भी किये गये जिसका उन्होंने जवाब देकर संतुष्ट किया। चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने अपने धन्यवाद संबोधन में वित्त मंत्री की प्रमुख भूमिका के लिए आभार व्यक्त करते हुए उनकी ओर से व्यवसाय समुदाय में विश्वास को पुनः स्थापित करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

संगोष्ठी से पूर्व चैंबर महासचिव परेश गट्टानी और पूर्व अध्यक्ष अरूण बुधिया ने एयरपोर्ट पर वित्त मंत्री का स्वागत किया तथा प्रतिनिधिमण्डल के साथ शिष्टाचार भेंट की। महासचिव परेश गट्टानी ने संगोष्ठी को उपयुक्त बताते हुए कहा कि माननीय वित्तमंत्री के संबोधन से उद्यमियों का प्रोत्साहन हुआ है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि स्टेकहोल्डर्स की ओर से प्राप्त सुझावों के अनुरूप चैंबर द्वारा माननीय वित्त मंत्री को डायरेक्ट टैक्स और इन्डायरेक्ट टैक्स से संबंधित ज्ञापन भी प्रेषित किये गये हैं।

संगोष्ठी में चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, महासचिव परेश गट्टानी, सह सचिव अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष ज्योति कुमारी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित साहू, प्रदीप अग्रवाल, अमित माहेश्वरी, कार्यकारिणी सदस्य डॉ0 अभिषेक रामाधीन, नवीन अग्रवाल, नवजोत अलंग, राम बांगड, रोहित अग्रवाल, साहित्य पवन, संजय अखौरी, सुनिल केडिया, पूर्व अध्यक्ष केके पोद्दार, आरके सरावगी, केके साबू, महेश पोद्दार, अरूण बुधिया, मनोज नरेडी, अंचल किंगर, प्रदीप शर्मा, सज्जन सर्राफ, रंजीत टिबडेवाल, बिकास सिंह, पवन शर्मा, रंजीत गाडोदिया, कुणाल अजमानी, धीरज तनेजा, सदस्य पुनित पोद्दार, कमल सिंघानिया, बिनोद अग्रवाल, आरके गाडोदिया, आरके चौधरी, बिजय अग्रवाल, आलोक सरावगी, प्रकाश हेतमसरिया, निरंजन शर्मा, योगेश गंभीर, दामोदर कसेरा, संतोष अग्रवाल, मनोज मिश्रा, धीरज ग्रोवर, मुकेश पांडे, संदीप नागपाल, अरूण जोशी, आदित्य शाह, दीपक गाडोदिया, जेपी शर्मा, ज्योति पोद्दार, पंकज मक्कड, विकास सहाय, आनंद कोठारी, कार्तिक प्रभात, अंकिता वर्मा, रमेष साहू, योगेंद्र पोद्दार, मनीष सर्राफ, अमरजीत सिंह सलूजा, सीए विकास खेतान, प्रमोद कुमार, दीपक मोदी, मयंक राजगढिया के अलावा, गिरिडीह, गुमला, देवघर, जमशेदपुर, रामगढ के व्यापारी व उद्यमियों के अलावा शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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