- एलिमको और प्रशासन की तैयारी की खुली पोल, बीडीओ और जिप सदस्य ने संभाली कमान
चैनपुर (गुमला) : उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी कार्यालय गुमला के निर्देशानुसार गुरुवार को चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक जांच एवं मूल्यांकन शिविर अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। निःशुल्क सहायक उपकरण की आस में दूर-दराज के गांवों से आए सैकड़ों दिव्यांग और बुजुर्गों को राहत की जगह भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।

शिविर का आयोजन एलिमको रांची और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था जिसका उद्देश्य दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण कर उन्हें बाद में निःशुल्क उपकरण उपलब्ध कराना था। लेकिन मौके पर व्यवस्था नदारद दिखी न तो बैठने की उचित व्यवस्था थी और न ही भीड़ को नियंत्रित करने का कोई कारगर प्लान। घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण कई बुजुर्ग और दिव्यांग परेशान नजर आए। आयोजन करने वाली एजेंसी की तैयारी जमीनी हकीकत पर पूरी तरह विफल साबित हुई। हालात इतने बिगड़ गए कि अव्यवस्था को देखते हुए स्थानीय जिला परिषद सदस्य और प्रखंड विकास पदाधिकारी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।

उन्होंने भीड़ को नियंत्रित किया और कतारबद्ध तरीके से लाभुकों के आवेदन जमा करवाए। जनप्रतिनिधियों ने एजेंसी द्वारा किए गए इंतजामों पर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे संवेदनशील वर्ग के प्रति घोर लापरवाही बताया है। गौरतलब है कि गुमला जिला प्रशासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह शिविर 5 फरवरी से 18 फरवरी 2026 तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित किया जा रहा है। वरिष्ठ नागरिकों 60 वर्ष से ऊपर को जीवन सहायक यंत्र देना।

दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान करना। तमाम परेशानियों के बावजूद शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड आदि जमा किए गए और उनका रजिस्ट्रेशन संपन्न हुआ। प्रशासन के अनुसार जांच और रजिस्ट्रेशन के बाद चयनित लाभुकों को आने वाले दिनों में निःशुल्क ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, कान की मशीन और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।


