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Friday, March 20, 2026

अमेरिका और इजराइल के पॉजिटिव संकेतों से कच्चे तेल की धीमी पड़ी आंच, 110 डॉलर से नीचे आई कीमत

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका द्वारा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर और हमला नहीं करने और टैंकर्स में पहले से लदे ईरानी तेल से बैन हटाने का संकेत देने की वजह से कच्चे तेल की कीमत में आज नरमी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। आज ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के नीचे आ गया है। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है।

गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के काफी करीब पहुंच जाने के बाद आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 106.48 प्रति बैरल के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत होने के थोड़ी देर बाद ही ब्रेंट क्रूड फिसल कर 104.96 प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया। हालांकि इस गिरावट के बाद इसके भाव में थोड़ा सुधार भी हुआ। भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 11:30 बजे ब्रेंट क्रूड 106.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में 93.69 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही डब्ल्यूटीआई क्रूड टूट कर 92.47 डॉलर बैरल के स्तर तक गिर गया। हालांकि कुछ देर बाद ही इसकी चाल में थोड़ी तेजी भी आई, जिसके कारण भारतीय समय के अनुसार दोपहर 11:30 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 93.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

स्पॉट ट्रेडिंग के अलावा फ्यूचर ट्रेडिंग में भी कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का रुख बना हुआ है। ब्रेंट फ्यूचर्स फिलहाल 1.24 डॉलर प्रति बैरल यानी 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई फ्यूचर्स भी 1.26 डॉलर प्रति बैरल यानी 1.31 प्रतिशत फिसल कर 94.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया है।

जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच जिस तरह से अमेरिका और इजरायल की ओर से नरमी के संकेत मिल रहे हैं, उसकी वजह से कच्चे तेल के भाव में भी गिरावट का रुख बनने लगा है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को ईरान के साथ युद्ध के जल्दी खत्म होने का संकेत दिया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में अमेरिकी सेना को जमीन पर नहीं उतरने का ऐलान किया।

इसके साथ ही अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट में टैंकरों में लदे हुए ईरानी तेल से प्रतिबंध हटाने का संकेत भी दिया। स्कॉट बेसेंट ने इसके साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका के स्ट्रैटेजिक पैट्रोलियम रिजर्व से क्रूड ऑयल को ओपन मार्केट के लिए रिलीज किया जा सकता है, ताकि तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। अमेरिका और इजरायल की ओर से आए इन बयानों की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के कारोबार से जुड़े पक्षों की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से आज कच्चे तेल की कीमत में गिरावट का रुख बनता हुआ नजर आ रहा है।

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