33 C
Kolkata
Tuesday, April 21, 2026

सुपौल में शादी-श्राद्ध सहित सभी सामाजिक कार्यक्रमों के लिए अब मिलेगा वाणिज्यिक एलपीजी

सुपौल। जिले में आम लोगों की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन ने सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

अब विवाह समारोह के साथ-साथ श्राद्ध (मृत्युभोज), मुंडन, उपनयन और अन्य धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में भी वाणिज्यिक गैस का उपयोग किया जा सकेगा।इसके लिए संबंधित रसोइयों या कैटरर्स को तेल कंपनियों के पास वाणिज्यिक गैस के लिए पंजीकरण कराना होगा। तेल कंपनियों द्वारा 5 से 7 दिनों के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिन परिवारों के घर कार्यक्रम आयोजित होना है, उन्हें अपने अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर यह बताना होगा कि कार्यक्रम में कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है और कितने गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होगी। इसके बाद प्रशासन के आकलन के आधार पर रसोइया या कैटरर को तेल कंपनियों के माध्यम से गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला प्रशासन ने बताया कि सुपौल जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। पड़ोसी देश में ईंधन की कमी और कीमतों में अंतर को देखते हुए किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है।

जिले में छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी श्रमिकों को पांच किलो का गैस सिलेंडर भी आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 14,473 सिलेंडरों का भंडार मौजूद है। 20 अप्रैल को करीब 4,137 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जबकि अब भी 22,637 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है।

जिले में प्रतिदिन औसतन 5,972 घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। 51 गैस एजेंसियों में से 46 एजेंसियों पर फिलहाल गैस उपलब्ध है, जबकि शेष पांच एजेंसियों को जल्द आपूर्ति मिलने की संभावना है। प्रशासन द्वारा 21 गैस एजेंसियों की जांच की जा चुकी है और 23 होटलों व प्रतिष्ठानों पर गैस सिलेंडरों के उपयोग को लेकर छापेमारी भी की गई है।

जिला प्रशासन ने बताया कि अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। साथ ही पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है और तीन पंपों की जांच की जा चुकी है, ताकि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।

गैस वितरण की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, 20 अप्रैल को इस नियंत्रण कक्ष में दो शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समाधान कर दिया गया। अब तक घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में जिले में तीन प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी हैं।जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि आवश्यक वस्तुओं, एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन लगातार गैस और ईंधन की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए गैस कंपनियों और तेल कंपनियों के संपर्क में है।

Related Articles

नवीनतम लेख