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Saturday, August 22, 2026

दिल्ली में निवेश संभावनाओं पर संवाद करेंगे मुख्यमंत्री यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 में शामिल होंगे। इस दौरान वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा नीति-निर्माताओं के समक्ष मध्य प्रदेश की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और राज्य को देश के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करेंगे।

जनसम्पर्क अधिकारी संजय सक्सेना ने बताया कि नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 में देश और दुनिया के प्रमुख उद्योगपति, नीति-निर्माता तथा वैश्विक विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। शुक्रवार से शुरू हुए इस फोरम में शनिवार को ‘एमपी : अनलॉकिंग द हार्ट ऑफ इंडिया’ विषय पर विशेष फायरसाइड चैट आयोजित होगी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश की आर्थिक एवं औद्योगिक प्रगति के साथ राज्य में उपलब्ध निवेश अवसरों और विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं को उद्योग जगत के सामने रखेंगे।

टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा

फोरम में मध्य प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र को भी प्रमुखता दी गई है। ‘वीविंग द फ्यूचर : बिल्डिंग एन इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल वैल्यू चेन इन एमपी’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र में प्रदेश में एकीकृत टेक्सटाइल वैल्यू चेन विकसित करने, औद्योगिक विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर मंथन होगा।

सत्र में उद्योग सचिव जॉन किंग्सली, ओरिएंट क्रॉफ्ट के संस्थापक सुधीर धींगरा और पीडब्ल्यूसी इंडिया के रानेन बनर्जी सहित अन्य विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग के लिए उपलब्ध संसाधनों, संभावनाओं और निवेश के अनुकूल माहौल पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

वैश्विक आर्थिक बदलावों पर भी मंथन

फोरम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक पूंजी, नई अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संक्रमण, व्यापार एवं आपूर्ति श्रृंखला, भारत-अमेरिका संबंध और वैश्विक निवेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री की फोरम में भागीदारी को मध्य प्रदेश की औद्योगिक और निवेश क्षमता को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, मजबूत बुनियादी ढांचे, औद्योगिक क्षमता और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अवसरों के जरिए राष्ट्रीय तथा वैश्विक निवेश को आकर्षित किया जाए।

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