हैदराबाद। दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री शंकरमांची जानकी, जिन्हें ‘सौकर’ जानकी के नाम से जाना जाता था, का शुक्रवार को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 वर्ष की थीं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उन्हें दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर से तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
सौकर जानकी ने करीब सात दशक लंबे फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे अनुभवी कलाकारों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
कमल हासन ने दी भावुक श्रद्धांजलि
अभिनेत्री के निधन पर अभिनेता कमल हासन ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सौकर जानकी उनके लिए मां जैसी थीं और वह उनके बेटे के समान थे। कमल हासन ने उनके साथ चार दशक तक कई फिल्मों में काम किया था। उन्होंने जानकी को दक्षिण भारतीय सिनेमा की बेहद खास अभिनेत्री बताते हुए उनके निधन को एक मां की छवि के विदा होने जैसा बताया।
कमल हासन के साथ जानकी ने कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने अपने अभिनय से भावनात्मक दृश्यों के साथ-साथ हास्य भूमिकाओं में भी दर्शकों को प्रभावित किया। 1980 के दशक में वह कमल हासन और रजनीकांत जैसे सितारों की फिल्मों में मां की भूमिकाओं में भी नजर आईं।
‘सौगारू’ से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
सौकर जानकी ने वर्ष 1950 में तेलुगु फिल्म ‘सौगारू’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इसी फिल्म के नाम से उन्हें ‘सौकर जानकी’ के नाम से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने तमिल सिनेमा में ‘पुथिया परवई’, ‘इतिकारा नीचल’, ‘बामा विजयम’, ‘बार मगले बार’, ‘नीरकुमिझी’, ‘इरु कोडुगल’, ‘पदिकाथा मेधाई’ और ‘भाग्यलक्ष्मी’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया।
उन्होंने एमजीआर, शिवाजी गणेशन और जेमिनी गणेशन जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया। बाद के दौर में रजनीकांत और कमल हासन की फिल्मों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अभिनय के साथ उन्होंने फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया और ‘काविया थलाइवी’ तथा ‘रंगरत्नम’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया।
400 से अधिक फिल्मों का गौरवशाली करियर
तेलुगु सिनेमा से शुरुआत करने वाली सौकर जानकी ने बाद में तमिल और कन्नड़ सहित दक्षिण भारत की विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में काम किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी अंतिम तमिल फिल्मों में ‘बिस्कोथ’ शामिल है।
सौकर जानकी को उनके कला क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया था। रंगमंच और सिनेमा में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
