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Thursday, February 12, 2026

वायु सेना के लिए फ्रांस से 114 राफेल जेट्स खरीदने को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से पहले केंद्र सरकार ने लंबे इंतजार के बाद वायु सेना के लिए फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदे जाने को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इसमें 18 विमान सीधे फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी से निर्मित होकर भारत आएंगे। शेष 96 विमान भारत में निजी कंपनियों के साथ साझेदारी में बनाए जाएंगे। इनमें से कई ट्विन-सीटर ट्रेनिंग वर्जन भी होंगे। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से गुरुवार को आवश्यकता की स्वीकृति (एओएन) मिलने के बाद व्यावसायिक वार्ता शुरू होगी, फिर अंतिम मंजूरी प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) देगी।
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आज डीएसी की बैठक साउथ ब्लॉक में हुई, जिसमें सशस्त्र सेनाओं के लिए कई अहम फैसले हुए। केंद्र ने फ्रांस के साथ सरकार से सरकार सौदे के तहत वायु सेना के लिए 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने को मंजूरी दे दी है। इन विमानों में 40-50 फीसदी मेक इन इंडिया हथियारों को इंटीग्रेट करने का पूरा अधिकार होगा। फ्रांस के साथ 3.25 लाख करोड़ रुपये का यह सैन्य हार्डवेयर सौदा किसी भी देश के साथ अब तक हुए अनुबंध से कम से कम पांच गुना बड़ा है। भारत के पास अभी 36 राफेल हैं और इस सौदे से 150 विमान हो जाने पर देश की हवाई ताकत कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने एक दिन पहले ही प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमला किया, जिसमें राफेल एक ‘हीरो’ था। अब इस सौदे के लिए मंजूरी मिलने के बाद भारत के पास कुल राफेल ऑर्डर 186 जेट्स हो जाएंगे, क्योंकि भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-एम का 63 हजार करोड़ का पहले ही ऑर्डर दिया जा चुका है। भारत में लगभग 100 जेट्स बनाए जाएंगे, जिसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, डसॉल्ट-टाटा पार्टनरशिप और मेक इन इंडिया को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इनकी डिलीवरी 2030 तक होने की उम्मीद है
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाले डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने 16 जनवरी को ही फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अंतिम मंजूरी प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी देगी। इसके बाद यह डील इसी माह फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के भारत दौरे पर पक्की हो जाएगी। वायु सेना के अंबाला एयरबेस पर पहले से ही राफेल फ्लाइट-ट्रेनिंग और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सुविधा चालू है। ये जेट्स ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम के तहत खरीदे जाएंंगे, जिसमें राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय फर्म के साथ साझेदारी करेगी।

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