रांची | बजट सत्र के मद्देनजर भाजपा विधायक दल की बैठक सोमवार देर शाम प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य विषय सरकार की कमियों को उजागर करना और उसे सदन के भीतर घेरने की रणनीति बनाना रहा। बैठक में पार्टी के सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक सी.पी. सिंह, नीरा यादव समेत अन्य विधायकों ने भी हिस्सा लिया।
सरकार के कामकाज पर सत्ता पक्ष को घेरने की योजना
बैठक के दौरान भाजपा विधायकों ने एकजुट होकर सरकार को जनहित से जुड़े मुद्दों पर घेरने का फैसला किया। मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि नगर निकाय चुनाव के कारण बैठक में देरी हुई थी। इस दौरान राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, नौकरशाही, बालू संकट, बिजली-पानी की समस्याएं और महिलाओं के अधिकारों के साथ हो रहे खिलवाड़ पर गहन चर्चा की गई। विधायकों ने तय किया कि सदन के अंदर और बाहर इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
महत्वपूर्ण समय पर भाजपा की धीमी सक्रियता
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 मार्च को समाप्त होने जा रहा है, जबकि इसकी शुरुआत 18 फरवरी को हुई थी। इस बीच, बजट सत्र का अधिकांश समय निकल चुका है और सदन अब केवल एक सप्ताह तक चलेगा। सत्तापक्ष पहले ही अपनी रणनीति तैयार कर विपक्ष को सवालों के घेरे में डालने की योजना बना चुका है। भाजपा और विपक्ष का सदन के भीतर और बाहर धीमा प्रदर्शन चर्चा का विषय बना है, जिसपर पार्टी से ठोस स्पष्टीकरण नहीं मिल रहा है।
एनडीए बैठक की कमी और भाजपा की प्रमुख भूमिका
हालांकि, भाजपा विधायक दल की बैठक हो चुकी है, लेकिन एनडीए की बैठक अभी तक नहीं हुई है। एनडीए में कुल 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में प्रमुख भूमिका निभा रही है। साथ ही, आजसू पार्टी, जदयू, और लोजपा रामविलास के एक-एक विधायक शामिल हैं। एनडीए की सामूहिक योजना का अभाव इस सत्र में विपक्ष की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा कर रहा है।


