कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान शुरू होते ही हिंसा की खबरों ने प्रदेश को दहला दिया। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग के दौरान बीरभूम से लेकर मुर्शिदाबाद तक कई जगहों पर झड़प, हमले और बूथ जाम करने के आरोप लगे। इन घटनाओं ने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों के ‘शांतिपूर्ण चुनाव’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमुख हिंसा की घटनाएं: लहूलुहान हुए कार्यकर्ता
बीरभूम (लाभपुर): भ्रामरकोल इलाके में भाजपा के पोलिंग एजेंट विश्वजीत मंडल पर जानलेवा हमला हुआ। तृणमूल समर्थकों पर हमले का आरोप है, जिसमें कार्यकर्ता का सिर फट गया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
मुर्शिदाबाद (नाओदा): यहाँ एक नेता के काफिले पर पथराव और वाहन में तोड़फोड़ की गई। समर्थकों के बीच टकराव इतना बढ़ा कि केंद्रीय बलों को लाठियां भांजनी पड़ीं। विरोध में नेता सड़क पर ही कुर्सी डालकर धरने पर बैठ गए।
कूचबिहार (माथाभांगा): भाजपा ने तृणमूल उम्मीदवार पर मतदान केंद्र के भीतर बैठकर पैसे बांटने और वोटरों को प्रभावित करने का आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
सुरक्षा बलों पर भी उठे सवाल
पश्चिम मेदिनीपुर के नारायणगढ़ में तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर ही ज्यादती का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि सुरक्षा कर्मी पार्टी कार्यालय में घुसे और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। वहीं, हल्दिया में भी सुरक्षा बलों द्वारा मतदाताओं से दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आईं।
मतदान के दौरान अन्य बड़ी घटनाएं
| क्षेत्र | घटना | असर |
| पश्चिम मेदिनीपुर | बुजुर्ग महिला की मौत | वोट डालने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया। |
| मुर्शिदाबाद (जालंगी) | EVM में तकनीकी खराबी | घंटों मतदान बाधित रहा, मतदाताओं की लंबी कतारें लगीं। |
| सिलीगुड़ी | फर्जी वोटिंग का आरोप | एक युवती जब वोट डालने पहुंची तो पता चला उसका वोट पहले ही डल चुका है। |
प्रशासन का पक्ष
इतनी शिकायतों और हिंसक झड़पों के बावजूद चुनाव प्रशासन का दावा है कि छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान प्रक्रिया मोटे तौर पर व्यवस्थित है। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए गड़बड़ी करने वालों की पहचान की जा रही है।

