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Tuesday, August 25, 2026

JPSC फर्जीवाड़ा मामले में पांच आरोपियों की जमानत पर 1 सितंबर को सुनवाई

रांची। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितता के मामले में पूर्व मुख्य सचिव एवं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान सीआईडी की ओर से केस डायरी अदालत में पेश की गई, जबकि अभियोजन पक्ष ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।

पांच आरोपियों की जमानत पर हुई सुनवाई

एल. ख्यांगते के अलावा अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। इन सभी की जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने केस डायरी का अध्ययन करने और अपना जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 1 सितंबर निर्धारित कर दी।

10 अगस्त को गिरफ्तार हुए थे एल. ख्यांगते

14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच सीआईडी कर रही है। इसी जांच के क्रम में सीआईडी ने 10 अगस्त को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 22 जुलाई को अभय कुमार तिवारी को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था। अभय कुमार तिवारी गोड्डा में खाद्य आपूर्ति विभाग में पदस्थापित थे। जांच में उनके टीडीपीएल से जुड़े होने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, टीडीपीएल में रहने के दौरान अभय कुमार तिवारी ने चार बार जेपीएससी की परीक्षा पास की थी। वहीं श्वेता गुप्ता जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थीं। जांच में यह बात सामने आई कि दूसरे विभाग में तबादला होने के बाद भी वह करीब दो महीने तक जेपीएससी में बनी रही थीं।

जेपीएससी कार्यालय में भी हुई थी छापेमारी

14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। मामले की जांच के दौरान 21 जुलाई को रांची पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी। इस दौरान जांच टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की थी।

सीआईडी की जांच में अब तक एल. ख्यांगते समेत दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसी परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े, अनियमितताओं और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले में सामने आ रहे तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अब सभी की नजर 1 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है।

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