सिलचर (असम) । असम के कछार जिले से ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले एक शिक्षित युवक, जयदीप दत्ता (38) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कंप्यूटर साइंस में बी-टेक डिग्री धारक जयदीप पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहा था।
कैसे बुना ठगी का जाल?
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रीकोना निवासी जयदीप दत्ता ने “आइकॉनिक फाइनेंस सॉल्यूशन” नाम से एक निजी संस्था खोली थी। वह लोगों को झांसा देता था कि उनके पैसे को शेयर मार्केट में सुरक्षित निवेश किया जाएगा। निवेशकों को लुभाने के लिए उसने हर महीने 15 प्रतिशत तक के रिटर्न (मुनाफे) का वादा किया था।
शुरुआत में कुछ लोगों को समय पर मुनाफा मिला, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। देखते ही देखते कछार और आसपास के सैकड़ों लोगों ने अपनी जमापूंजी जयदीप की कंपनी में लगा दी। जब निवेश की राशि 15 से 20 करोड़ रुपये तक पहुँच गई, तो जयदीप अपने परिवार के साथ रातों-रात फरार हो गया।
स्टेशन पर निवेशकों ने दबोचा
ठगी का शिकार हुए लोग लंबे समय से उसकी तलाश में थे। मंगलवार को जब जयदीप को कटाखाल रेलवे स्टेशन पर देखा गया, तो पीड़ितों ने उसे पहचान लिया और पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और रिमांड
पुलिस के अनुसार, अब तक 29 पीड़ितों ने सिलचर की तारापुर पुलिस चौकी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
“इस घोटाले के तार और भी गहरे हो सकते हैं। हमें संदेह है कि इस धोखाधड़ी में कुछ और लोग भी शामिल हैं।”
— रजत पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध)
अदालत ने आरोपित जयदीप दत्ता को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी गई करोड़ों की रकम कहाँ छिपाई गई है और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।

