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Thursday, April 23, 2026

‘फाइलें दबाने की हो रही कोशिश’, कोषागार घोटाले की जांच में देरी पर बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला

रांची । झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कोषागार घोटाले की जांच की धीमी रफ्तार को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। मरांडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद विभाग की ओर से जांच एजेंसियों को सहयोग नहीं मिल रहा है, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।

“5 दिन बाद भी CID को नहीं मिली फाइलें”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक वित्त विभाग ने संबंधित फाइलें सीआईडी (CID) को नहीं सौंपी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर फाइलों को रोकने के पीछे क्या मंशा है?

‘चारा घोटाले’ से की तुलना
मरांडी ने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए इसकी तुलना बहुचर्चित चारा घोटाले से की है। मरांडी के अनुसार, यह कोई साधारण मामला नहीं है; अगर निष्पक्ष जांच हुई तो यह चारा घोटाला जैसा ही एक बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि जांच में देरी कर जानबूझकर साक्ष्यों को प्रभावित करने या जांच की दिशा मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि वह सुनिश्चित करें कि कोई भी अधिकारी जांच को गुमराह न कर सके और सभी दस्तावेज तुरंत मुहैया कराए जाएं।

निष्पक्ष जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कहा कि पारदर्शी और सख्त जांच सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे में हुई इस वित्तीय अनियमितता के दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

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