29 C
Kolkata
Sunday, April 19, 2026

असम चुनाव: ‘सत्ता नहीं, समाज बदलने की राजनीति’, साहिल मुंडा के लिए CM हेमंत सोरेन ने झोंकी ताकत

रांची/असम | असम विधानसभा चुनाव के रण में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सरूपथर विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम ने हुंकार भरते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ कुर्सी का नहीं, बल्कि हक और पहचान की रक्षा का है।

साहिल मुंडा: वंचितों की आवाज़ और नई उम्मीद
जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने साहिल मुंडा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा “साहिल मुंडा का राजनीति में कदम रखना केवल सत्ता हासिल करना नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक बदलाव का आगाज़ है। वे लंबे समय से वंचित समाज की मुखर आवाज़ रहे हैं और उनके अधिकारों के लिए जमीन पर संघर्ष किया है।”

स्थानीय अधिकारों और पहचान का चुनाव
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता को भावुक संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि संघर्ष करने वाले नेतृत्व को सदन तक पहुँचाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव स्थानीय अधिकारों और पहचान को बचाने की लड़ाई है।

हेमंत सोरेन ने युवाओं को बदलाव का सारथी बनने का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि साहिल मुंडा की जीत के बाद क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय हक-हकूक को प्राथमिकता दी जाएगी। सीएम ने जनता से भारी मतदान कर साहिल मुंडा को विजयी बनाने की अपील की ताकि सरूपथर के विकास को नई दिशा मिल सके।

झामुमो का बढ़ता प्रभाव
असम के चुनावी मैदान में हेमंत सोरेन की सक्रियता ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। झामुमो यहाँ विशेष रूप से आदिवासी और श्रमिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, और साहिल मुंडा को इसी कड़ी में एक ‘युवा और जुझारू’ चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है।

Related Articles

नवीनतम लेख