नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) परिवहन घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को इस मामले से जुड़े पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस घोटाले में सरकारी खजाने को लगभग 195.33 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान पहुंचाने और करीबियों को अवैध लाभ देने का गंभीर आरोप है।
छापेमारी में मिला कैश और लग्जरी सामान
ईडी ने तलाशी अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर नकदी और कीमती सामान बरामद किया है। एजेंसी के मुताबिक, छापेमारी में आठ लाख रुपये नगद, दो बेहद कीमती रोलेक्स घड़ियां, कई प्रीमियम लग्जरी वाहन, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। ईडी की इस अचानक हुई कार्रवाई से इस घोटाले से जुड़े आरोपियों और उनके सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
पीएमएलए के तहत दर्ज मामले में हुई कार्रवाई
जांच एजेंसी ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले के आधार पर की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने परिवहन अनुबंधों (ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स) के आवंटन और नियमों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया था। इसी साजिश के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाया गया और अपने तथा अपने करीबियों के लिए करोड़ों रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया।
आपत्तिजनक दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच तेज
ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मौके से बरामद किए गए सभी गुप्त दस्तावेजों और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। इन उपकरणों से मिलने वाले डेटा के जरिए इस घोटाले में शामिल कुछ अन्य सफेदपोशों और बड़े चेहरों के नाम भी सामने आने की उम्मीद है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आगे की जांच और पूछताछ तेजी से जारी है।
