फतेहपुर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले अंतर्गत असोथर थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और आंखें नम कर देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ घर के भीतर खेल रहे महज 3 वर्ष के एक मासूम बच्चे की बिजली के फर्राटा पंखे की केबल पकड़ लेने से करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे रिठवां गांव में मातम पसर गया है। घटना के बाद बदहवास परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को बिना कोई सूचना दिए और बिना पोस्टमार्टम कराए ही मासूम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सुबह खेल-खेल में पंखे के तार की चपेट में आया राघवेंद्र, मौके पर तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, असोथर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर मजरे रिठवां गांव निवासी संदीप कुमार का तीन वर्षीय इकलौता पुत्र राघवेंद्र सिंह बुधवार सुबह करीब सात बजे घर के कमरे में खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते वह कमरे में चल रहे एक फर्राटा (स्टैंड) पंखे के पास चला गया और उसकी बिजली केबल को पकड़ लिया। केबल का तार कहीं से कटा होने के कारण उसमें हाई-वोल्टेज करंट उतर रहा था। करंट की जद में आते ही मासूम बच्चा बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा। बच्चे की चीख सुनकर परिजन आनन-फानन में उसे बचाने दौड़े, लेकिन करंट का झटका इतना जोरदार था कि तब तक मासूम राघवेंद्र दम तोड़ चुका था।
मां शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल, चीख-पुकार से नम हुईं सबकी आंखें
इस असमय और दर्दनाक मौत से संदीप कुमार के हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजड़ गईं। घर में कोहराम मच गया और मृत बच्चे की मां शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार अपने कलेजे के टुकड़े को याद कर अचेत हो जा रही हैं। मासूम की असमय विदाई और परिजनों के करुण क्रंदन को सुनकर मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ में से भी हर आंख नम हो गई। दुःख की इस घड़ी में पूरे गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
पुलिस को नहीं दी गई घटना की सूचना, लिखित तहरीर मिलने पर होगी जांच
हादसे के बाद कानूनी और पुलिसिया प्रक्रिया के झंझट से बचने के लिए परिजनों ने स्थानीय पुलिस को घटना की कोई भनक नहीं लगने दी और सीधे गांव के समीप ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में जब मीडिया कर्मियों ने असोथर थाना प्रभारी रमाशंकर सरोज से बात की, तो उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस हादसे के संबंध में परिजनों या ग्रामीणों की तरफ से अब तक कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं मिली है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित परिवार या किसी अन्य माध्यम से थाने में कोई लिखित तहरीर दी जाती है, तो पुलिस मामले की जांच कर उचित विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
