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Friday, March 6, 2026

देवघर एम्स की छवि को खराब न करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : इरफान अंसारी

देवघर। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने देवघर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से एक जरूरतमंद मरीज को बिना इलाज रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।  स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एम्स देवघर की संवेदनशील और जनसेवा से जुड़ी छवि को किसी भी हाल में खराब नहीं होने दिया जाएगा और मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीती देर रात देवघर जिले के बसनली गांव से एक महिला का भावुक फोन स्वास्थ्य मंत्री को प्राप्त हुआ। महिला ने रोते हुए अपने पति की गंभीर स्थिति की जानकारी दी और तत्काल मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही डॉ. अंसारी ने अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर बिना देरी किए गांव के लिए रवाना हो गए।

गांव पहुंचकर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं मरीज की जांच की, उसकी चिकित्सीय स्थिति की जानकारी ली और हालात की गंभीरता को समझा। जांच में यह सामने आया कि मरीज एक गरीब और आदिवासी परिवार से है, जिसे पहले इलाज के लिए एम्स देवघर रेफर किया गया था, लेकिन वहां से बिना किसी उपचार के रिम्स भेज दिया गया। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि एम्स में उन्हें समुचित इलाज नहीं मिला।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गरीब और आदिवासी मरीज बड़ी उम्मीद के साथ एम्स जाते हैं। यदि वहां से भी उन्हें बिना इलाज रेफर कर दिया जाएगा, तो एम्स की उपयोगिता और उद्देश्य पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार गरीब मरीजों को रेफर करना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है। यदि किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा या संसाधनों की कमी है, तो उसे स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं एम्स देवघर जाकर प्रबंधन से बातचीत करेंगे और जवाबदेही तय करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को रांची रेफर कराया। इसके साथ ही मरीज के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई, ताकि इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। रांची में मरीज के बेहतर इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है।
ग्रामीणों की ओर से आभार जताए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीड़ितों की सहायता के लिए गांव आना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका कर्तव्य है। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और गरीब व जरूरतमंदों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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