नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर कहा कि जेन जी यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मी डिजिटल-सक्षम युवा पीढ़ी और जेन अल्फा यानी 2013 के बाद जन्मे तकनीक-केंद्रित बच्चे ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएंगे।
प्रधानमंत्री ने यहां भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जेन जी और जेन अल्फा ही भारत को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य तक ले जाने वाली पीढ़ी है। उन्होंने कहा कि वे युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और सामर्थ्य को समझते हैं और इसलिए उन पर उन्हें पूरा भरोसा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उम्र नहीं, कर्म और उपलब्धियां व्यक्ति को बड़ा बनाती हैं, और कम उम्र में भी ऐसे कार्य किए जा सकते हैं जो पूरे समाज को प्रेरणा दें।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वीर साहिबजादों के अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि साहिबजादों ने यह नहीं देखा कि रास्ता कितना कठिन है, उन्होंने केवल यह देखा कि रास्ता सही है या नहीं। यही भावना आज भारत के युवाओं से अपेक्षित है—बड़े सपने देखना, कठिन परिश्रम करना और आत्मविश्वास को कभी डगमगाने न देना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसके बच्चों और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा। उनका साहस, प्रतिभा और समर्पण ही देश की प्रगति का मार्गदर्शन करेगा। आज देशभर में लाखों बच्चे अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से नवाचार, शोध, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा का विकल्प बच्चों के लिए सीखने को और सहज बना रहा है।


