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Wednesday, March 4, 2026

झारखंड में बढ़ेंगे बिजली के दाम, 59 प्रतिशत तक हो जाएगी महंगी; JBVNL का प्रस्ताव

झारखंड बिजली वितरण निगम (जेबीवीएनएल) ने 2026-27 के लिए टैरिफ में 59 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। निगम को ट्रू-अप रेवेन्यू गैप वर्ष 2023-24 तक 4991.67 करोड़ था। वित्तीय लेखा -जोखा के अनुसार जेबीवीएनएल को 15584.46 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। निगम ने बढ़ोतरी के अपने प्रस्ताव पर कहा है कि अगस्त 2025 को जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तीन वर्षों में रेवेन्यू गैप समाप्त करना है। वर्तमान में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) द्वारा निर्धारित दर के अनुसार निगम की राजस्व की वसूली केवल 9794.76 करोड़ होगी। इसलिए वर्ष 2025-26 में 15584.46 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली के लिए 59 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव सौंपा गया है। झारखंड बिजली वितरण निगम ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत अपने टैरिफ पिटीशन में उल्लेख किया है कि विभिन्न राज्यों में घरेलू श्रेणी के अंतर्गत खपत के लिए अलग-अलग दर निर्धारित है। झारखंड की दर 200 यूनिट से अधिक खपत पर लागू होती है। 201 से 400 यूनट तक सरकार प्रति यूनिट अनुदान देती है। वर्तमान दरों के अनुसार राजस्थान और बिहार में बिजली की दर झारखंड की तुलना में अधिक है। उत्तर प्रदेश में बराबर है। फिक्स्ड चार्ज के लिए अधिकांश राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली प्रति किलोवोट के आधार पर फिक्स्ड चार्ज निर्धारित करते हैं। जबकि झारखंड में प्रति कनेक्शन के आधार पर फिक्स्ड चार्ज लिया जाता है। टैरिफ तय करते समय राज्य आयोग विभिन्न मद में हुई व्यय, बिजली खरीद, राजस्व अंतर और अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखकर जेबीवीएनएल के लिए लागत-परिलक्षित टैरिफ निर्धारित करती है। जेबीवीएनएल के अनुसार पिछले पांच वर्षों में झारखंड की बिजली दर तीन बार बढ़ी है। आयोग द्वारा 2025-26 के लिए बिजली की दर में 6.34 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई। वहीं 2024-25 में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। 2023-24 में 7.66 फीसदी दर बढ़ाई गई। 2022-23 में वृद्धि नहीं की गई। 2021 – 2022 में 6.50 फीसदी दर बढ़ाई गई। प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं का बकाया यानि बैलेंस नहीं रहने पर कनेक्शन स्वत: कट जाता है और भुगतान या रिचार्ज करने पर खुद जुड़ जाता है। तकनीकी त्रुटि के कारण रीचार्ज के बाद भी बिजली चालू नहीं हो पाती है तो उपभोक्ता संबंधित कार्यालय को तकनीकी त्रुटि की जांच और सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं।

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