भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को एक बेहद सख्त संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि मई में चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर “केवल ट्रेलर” था और यह महज 88 घंटों में खत्म हो गया। भविष्य में यदि पाकिस्तान ने अवसर दिया, तो उसे यह सिखाया जाएगा कि पड़ोसी देश के साथ जिम्मेदाराना व्यवहार कैसे किया जाता है।
जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में भारत की प्रतिकारी क्षमता बेहद मजबूत है और वह किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवादियों और उनके समर्थन करने वालों के मुकाबले एक समान रवैया अपनाएगा, और उनसे मुकाबला जारी रहेगा।
उनका कहना है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते — यदि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तो उसकी सैन्य संरचनाओं पर निर्णायक कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
इसके अलावा, उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति का भी जिक्र किया, यह बताते हुए कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद आतंकवाद में गिरावट आई है और राजनीतिक स्पष्टता भी बढ़ी है।
सेना प्रमुख की यह चेतावनी उस नई रणनीति की ओर संकेत करती है जिसे भारत “नई सामान्य स्थिति” के रूप में देख रहा है — जहाँ सीमापार आतंकवाद समर्थकों को न केवल सैन्य, बल्कि नीतिगत तौर पर स्पष्ट संदेश दिए जाएँ।


