आईफोन बनाने वाली वैश्विक कंपनी Apple ने भारत में अपने उत्पादन-श्रम को तेजी से बढ़ा दिया है और इसका परिणाम यह हुआ है कि पहली छह महीनों में भारत से 10 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के iPhone निर्यात किए गए। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तेजी का कारण है—भारत में नए संयंत्रों का खुलना, स्थानीय आपूर्ति-श्रृंखला का विस्तार, और वैश्विक बाजारों की ओर निर्यात की रणनीति। उदाहरण के लिए, अप्रैल 2025 में भारत में दो नए संयंत्र खुले—जहाँ अब iPhone के प्रमुख मॉडल स्थानीय स्तर पर निर्मित हो रहे हैं।
इस बदलाव का मतलब यह भी है कि भारत सिर्फ घरेलू बिक्री का बाजार नहीं बल्कि वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। पिछले वर्षों में भारत में iPhone निर्माण कै दर से बढ़ा है — FY22 में यह लगभग 2 बिलियन डॉलर था, जबकि FY25 में यह 22 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
हालाँकि, चुनौतियाँ अभी बनी हुई हैं। निर्माण-लागत, घटक सामग्री की निर्भरता, निर्यात-नीति एवं वैश्विक व्यापार-वातावरण जैसे कारक आगे काम करने होंगे। इसके साथ ही यह देखना होगा कि इस वृद्धि का लाभ देश के श्रमिकों, आपूर्ति-श्रंखला और स्थानीय अर्थव्यवस्था तक कितनी पहुँच रहा है।


