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Sunday, August 16, 2026

फलदार पौधों से बढ़ेगी हरियाली, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

भागलपुर। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सह समतुल्य कैबिनेट मंत्री डॉ. चक्रपाणि हिमांशु के पुत्र दिव्यांशु चक्रपाणि का 11वां जन्मदिन रविवार को स्थानीय सर्किट हाउस में सादगी और उल्लास के साथ मनाया गया। जन्मदिन समारोह को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए इस अवसर पर फलदार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पौधारोपण के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद केक काटकर और मिठाई बांटकर दिव्यांशु को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं।

इस अवसर पर डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों को सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जोड़ना सकारात्मक पहल है। फलदार पौधे पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ लोगों को पौष्टिक और ताजे फलों का प्राकृतिक स्रोत भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि घर और आसपास फलदार पेड़ लगाने से वातावरण में हरियाली बढ़ती है तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए इनके अनेक स्वास्थ्य और आर्थिक लाभ भी हैं। फलदार वृक्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।

पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रीति कुमारी ने भी पौधारोपण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वृक्ष मानव के साथ-साथ जीव-जंतुओं के लिए भी भोजन और आश्रय का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। फलदार वृक्षों से मिलने वाले पौष्टिक फल जीवन के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानकर कार्य करने की अपील की।

जन्मदिन और पौधारोपण के इस कार्यक्रम में गौतम बैनर्जी, अंकित कुमार, संजय कुमार, नितीश कुमार, गुड्डू कुमार, बबलू कुमार, रोशन कुमार, राहुल कुमार, प्रेम कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दिव्यांशु चक्रपाणि को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि खुशी के अवसरों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज में हरियाली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

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