जामनगर। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वनतारा ने हाथियों के संरक्षण और कल्याण को लेकर अपनी पहलों का विस्तार करने की जानकारी दी है। हाथियों के इलाज और पुनर्वास से लेकर महावतों के प्रशिक्षण, पोषण, वैज्ञानिक देखभाल और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने तक वनतारा देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संरक्षण प्रयासों से जुड़ रहा है। वनतारा में वर्तमान में 260 से अधिक एशियाई हाथियों की देखभाल की जा रही है, जबकि देश के चार राज्यों में 182 हाथियों और 242 महावतों तक वेलफेयर कार्यक्रम पहुंच चुका है।
वनतारा की हाथी संरक्षण यात्रा गौरी नामक हथिनी के रेस्क्यू से शुरू हुई थी। इसके बाद हाथियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल लगातार विस्तारित हुई। वनतारा के संस्थापक अनंत अंबानी ने कहा कि हाथियों का उनके दिल और वनतारा की यात्रा में विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रेस्क्यू उनके संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी को और मजबूत करता है तथा संस्था भारत और दुनिया में हाथियों के बेहतर भविष्य के लिए प्रयास जारी रखेगी।
जयपुर में बनेगी आधुनिक हाथी उपचार सुविधा
विश्व हाथी दिवस पर राजस्थान के जयपुर स्थित हाथी गांव में हाथियों की देखभाल और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए वनतारा के साथ सहयोग की घोषणा की गई। राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री संजय शर्मा के अनुसार, हाथियों के लिए आधुनिक एलिफेंट ट्रीटमेंट एंड केयर फैसिलिटी विकसित की जाएगी। इसमें अस्पताल, पोषण केंद्र और हाइड्रोथेरेपी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। बुजुर्ग हाथियों के लिए अलग रिटायरमेंट एंड केयर सेंटर विकसित करने की भी योजना है।
चार राज्यों में 182 हाथियों तक पहुंचा कार्यक्रम
वनतारा ने असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में राज्य वन विभागों के सहयोग से हाथी कल्याण आउटरीच कार्यक्रम संचालित किया। इसके तहत 182 हाथियों और 242 महावतों को स्वास्थ्य देखभाल, प्राथमिक उपचार, मानवीय तरीके से हाथियों की देखभाल और बेहतर प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पशु चिकित्सा और वेलफेयर किट के साथ पोषण संबंधी सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
बच्चों में हाथियों के प्रति संवेदनशीलता और करुणा बढ़ाने के उद्देश्य से वनतारा ने ‘माई फ्रेंड लीलावती’ सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है। इसके माध्यम से लीलावती नामक हथिनी की कहानी के जरिए बच्चों को पशुओं के प्रति दया, करुणा और सम्मान का संदेश दिया जा रहा है।
मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर जोर
मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए वनतारा अंतरराष्ट्रीय संरक्षण संस्थाओं के साथ भी सहयोग कर रहा है। इसके तहत एलिफेंट प्रोटेक्शन इनिशिएटिव फाउंडेशन को अनुदान दिया जा रहा है, जिससे एशिया और अफ्रीका के हाथी बहुल देशों के विशेषज्ञों, संरक्षणकर्मियों और युवाओं की मार्च 2027 में बैंकॉक में प्रस्तावित वैश्विक सम्मेलनों में भागीदारी को सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही ईपीआई यूथ एंबेसडर्स कार्यक्रम को भारत तक विस्तार देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
वनतारा के अनुसार, जमीनी स्तर पर मानव-हाथी संघर्ष से जुड़ी घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया वाली पशु चिकित्सा टीमों, थर्मल ड्रोन निगरानी और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का लक्ष्य घायल हाथियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ मानव और हाथियों के बीच सुरक्षित एवं टिकाऊ सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है।
