पूर्वी सिंहभूम। राशन वितरण और राशन कार्ड से अपात्र एवं डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई में धीमी प्रगति पर उपायुक्त राजीव रंजन ने नाराजगी जताई है। बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभुकों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और अपात्र लोगों के नाम राशन कार्ड में बने रहने से सरकारी खाद्यान्न का लाभ प्रभावित नहीं होना चाहिए।
बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना, पीवीटीजी परिवारों को खाद्यान्न वितरण तथा राशन कार्ड से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि राशन कार्ड में दर्ज 63 डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाने की कार्रवाई पिछले माह से अब तक आगे नहीं बढ़ी है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शहरी क्षेत्र के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी डुप्लीकेट लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया इसी माह हर हाल में पूरी की जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि किसी राशन कार्ड में आयकरदाता व्यक्ति का नाम पाया जाता है तो नियमानुसार पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने राशन कार्ड में नाम जोड़ने, नाम में संशोधन करने अथवा कार्ड को सक्रिय करने से संबंधित लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निष्पादन करने को कहा। ऐसे सभी लंबित आवेदनों का निपटारा एक सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया गया।
राशन वितरण की धीमी गति पर जताई नाराजगी
अगस्त माह में राशन वितरण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि डाकिया योजना के लाभुकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। हालांकि, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अन्य लाभुकों के बीच अब तक केवल करीब चार प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण हुआ है। इतनी धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को राशन वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समय के भीतर सभी पात्र लाभुकों तक राशन पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को नियमित रूप से वितरण की निगरानी करने और प्रगति की समीक्षा करने को भी कहा गया।
डोर स्टेप डिलीवरी में तेजी लाने के निर्देश
खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी की भी समीक्षा की गई। इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित परिवहनकर्ताओं को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि गोदाम से जनवितरण प्रणाली दुकानदारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में किसी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी परिवहनकर्ताओं को एक सप्ताह के भीतर खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना है। इसलिए राशन कार्डों की शुद्धता, डुप्लीकेट एवं अपात्र लाभुकों की पहचान और समयबद्ध राशन वितरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
