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Wednesday, August 12, 2026

गृहमंत्री के चर्चा के प्रस्ताव पर राहुल का पलटवार, बोले- भाषण नहीं, छात्रों पर कार्रवाई का जवाब चाहिए

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर संसद में चर्चा के लिए सरकार की तैयारी जताए जाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष गृहमंत्री का भाषण सुनने में रुचि नहीं रखता, बल्कि वह यह जानना चाहता है कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ गोली चलाने और बल प्रयोग का आदेश किसने दिया था। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को चर्चा के बजाय छात्रों पर हुई कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

संसद भवन परिसर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि छात्रों पर गोली किसने चलाई और गोली चलाने का आदेश किसने दिया। उन्होंने सवाल किया कि एक छात्र की आंखों की रोशनी कैसे गई और एक छात्र के कान में गोली किसने मारी। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज और कथित तौर पर कीलों वाले डंडों के इस्तेमाल का आदेश दिए जाने को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस और आरएसी गृह मंत्रालय के अधीन हैं। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह को स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश उन्होंने दिया था या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि गृहमंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो भी उन्हें अपनी जिम्मेदारी को लेकर इस्तीफा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि अमित शाह संसद में आकर क्या भाषण देंगे। विपक्ष छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब चाहता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 20 दिनों से गृहमंत्री संसद में इस मुद्दे पर सामने नहीं आए और अब सत्र के अंतिम दौर में चर्चा की पेशकश की जा रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि गृहमंत्री सभी सवालों का जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह किन सवालों का जवाब चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा के पक्ष में नहीं है और इस मुद्दे पर अपनी बात खुलकर रख रहा है।

अमित शाह ने 24 घंटे चर्चा का दिया प्रस्ताव

इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बुधवार दोपहर तीन बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र देने को कहा।

अमित शाह ने कहा कि यदि विपक्ष तीन बजे तक पत्र देता है तो सरकार तीन बजे से अगले दिन तीन बजे तक चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वह पूरी चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष की ओर से उठाए गए सभी सवालों का जवाब देंगे।

गृहमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में मौजूद रहते हैं, लेकिन विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। सरकार की ओर से चर्चा की पेशकश और राहुल गांधी के जवाब के बाद छात्रों के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।

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