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Monday, August 10, 2026

बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने मांगा जवाब

नई दिल्ली। बिहार में छात्र और युवाओं के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि सीवान में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर एके-47 से गोली चलाने की घटना सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों और युवाओं को हिरासत में लेकर उनके साथ कथित तौर पर बर्बरता की गई। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है।

कांग्रेस की ओर से बिहार के छह शहरों में भेजी गई फैक्ट फाइंडिंग टीमों के सदस्यों ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में अपनी रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाए। कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि कई युवा गोली लगने से घायल हुए हैं और पूरे प्रदेश में छात्रों तथा युवाओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर कथित कार्रवाई का आदेश किसके स्तर से दिया गया।

उन्होंने बिहार में उद्योगपति गौतम अदाणी को कथित तौर पर एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन दिए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा सरकार से सवाल कर रहे हैं कि यदि इतनी कम दर पर जमीन दी जा सकती है तो भर्ती परीक्षाओं की फीस भी कम क्यों नहीं की जा सकती।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने आरोप लगाया कि बिहार में छात्रों और युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने दावा किया कि कई युवाओं को रात में हिरासत में लिया गया और उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई। कुछ अभिभावकों को भी धमकाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने फैक्ट फाइंडिंग टीम के सामने फर्जी मुकदमों में फंसाए जाने की शिकायत की है।

एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी छात्रों को रात में हिरासत में लेने और कथित तौर पर डराने-धमकाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संगठन छात्रों के साथ खड़ा रहेगा और उनकी लड़ाई जारी रखेगा।

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने सीवान की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि फैक्ट फाइंडिंग टीम ने वहां जाकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में पुलिस ने गोली चलने से इनकार किया था, लेकिन बाद में एके-47 चलाने वाले पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि घटना में घायल युवक गरीब परिवारों से हैं।

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने परीक्षा केंद्रों को कमिश्नरी या जिला स्तर पर बनाने की मांग की, ताकि छात्रों को यात्रा और रहने पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़े। उन्होंने गरीब छात्रों के लिए बेहतर ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था और सुव्यवस्थित परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग की।

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक और आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने भी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।

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