रांची। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को विश्व आदिवासी दिवस की झलक भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा में धरनास्थल पहुंचे और छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसी ने सिर पर सखुआ के पत्तों की टोपी पहन रखी थी, तो कोई पारंपरिक तीर-धनुष के साथ नजर आया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ अलग-अलग अंदाज में विरोध भी देखने को मिला।
धरनास्थल पर पहुंचे एक युवक ने अपने पूरे शरीर पर सरकार के विरोध में नारे लिख रखे थे। पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में पहुंचे इस युवक ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
पोस्टर के जरिए सरकार पर निशाना
छात्र आंदोलन के बीच एक युवक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर वाला पोस्टर लेकर पहुंचा। पोस्टर पर व्यंग्यात्मक संदेश के जरिए सरकार पर निशाना साधा गया। युवक ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
तीर-धनुष के साथ पहुंचे युवक
धरनास्थल पर एक युवक पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में तीर-धनुष और अन्य पारंपरिक सामग्री के साथ पहुंचा। उसके सिर पर सखुआ के पत्तों से बनी टोपी थी। शरीर पर लिखे संदेशों के जरिए उसने छात्रों के आंदोलन के समर्थन के साथ सरकार के प्रति अपना विरोध भी जाहिर किया।
स्पाइडर मैन के रूप में भी दिखा युवक
धरनास्थल पर विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। एक युवक स्पाइडर मैन की वेशभूषा में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा। उसने छात्रों के आंदोलन को जायज बताते हुए उनकी मांगों का समर्थन किया और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
छात्र आंदोलन के बीच आदिवासी दिवस पर पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रतीकों और अलग-अलग तरह के विरोध प्रदर्शन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन को एक अलग रूप दे दिया। धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है और समाज के विभिन्न वर्गों से लोग इसमें समर्थन देने पहुंच रहे हैं।
