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Saturday, August 8, 2026

मर्चेंट नेवी में कैसे बनाएं करियर, कौन-सी पढ़ाई जरूरी और कितनी मिलती है सैलरी?

मर्चेंट नेवी युवाओं के लिए ऐसा करियर विकल्प है, जिसमें समुद्र में काम करने के साथ देश-विदेश की यात्रा, कम उम्र में बड़ी जिम्मेदारी और अच्छी कमाई के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, यह नौकरी लंबे समय तक घर-परिवार से दूर रहकर कठिन और अनुशासित माहौल में काम करने की मांग भी करती है।

भारत में दुनिया के मर्चेंट मरीनर्स का करीब सात प्रतिशत हिस्सा है। सरकार ने 2047 तक समुद्री क्षेत्र में डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

मर्चेंट नेवी क्या होती है?

मर्चेंट नेवी समुद्र के रास्ते माल और अन्य व्यावसायिक सामान पहुंचाने वाले जहाजों से जुड़ा क्षेत्र है। इसका उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को संचालित करना है। वहीं भारतीय नौसेना देश की समुद्री सुरक्षा और रक्षा के लिए काम करती है।

मर्चेंट नेवी में काम करने वालों की निगरानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग के तहत होती है। इसमें डेक, इंजन और इलेक्ट्रो-टेक्निकल समेत अलग-अलग विभाग होते हैं।

मर्चेंट नेवी में जाने के प्रमुख रास्ते

डेक या नेविगेशन विभाग: इसके लिए डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस या बीएससी इन नॉटिकल साइंस किया जा सकता है। डेक कैडेट से शुरुआत कर थर्ड ऑफिसर, सेकेंड ऑफिसर और आगे चलकर कैप्टन तक पहुंचने का रास्ता होता है।

मरीन इंजीनियरिंग: जहाज के इंजन, मशीनरी और तकनीकी उपकरणों की जिम्मेदारी इस विभाग की होती है। इसके लिए बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग या ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग यानी जीएमई कोर्स किया जा सकता है। करियर की शुरुआत जूनियर या फोर्थ इंजीनियर के स्तर से होकर चीफ इंजीनियर तक पहुंच सकती है।

इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर: इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या इंस्ट्रूमेंटेशन में बीई या बीटेक के बाद डीजी शिपिंग से मान्यता प्राप्त ईटीओ कोर्स किया जा सकता है। ईटीओ जहाज के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सेंसर और अलार्म सिस्टम की निगरानी करता है।

जीपी रेटिंग: 10वीं पास युवाओं के लिए यह विकल्प है। करीब छह महीने के इस प्रशिक्षण के बाद डेक और इंजन विभाग में सपोर्ट क्रू के तौर पर काम किया जा सकता है। इसमें ऑफिसर पद नहीं मिलता।

कौन कर सकता है मर्चेंट नेवी की पढ़ाई?

मर्चेंट नेवी के प्रमुख अधिकारी स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए आमतौर पर 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स यानी पीसीएम विषय जरूरी होते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पीसीएम में कम से कम 60 प्रतिशत और अंग्रेजी में 50 प्रतिशत अंक की आवश्यकता हो सकती है। मेडिकल फिटनेस और निर्धारित दृष्टि मानकों को पूरा करना भी जरूरी होता है।

जिन छात्रों के पास आर्ट्स या कॉमर्स की पढ़ाई है, उनके लिए अधिकारी स्तर के कई पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश संभव नहीं होता। ऐसे छात्रों को निर्धारित पात्रता पूरी करने के लिए पीसीएम के साथ पढ़ाई करनी पड़ सकती है। वहीं जीपी रेटिंग के जरिए अलग रास्ते से प्रवेश का विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

कौन-कौन से कोर्स किए जा सकते हैं?

  • डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस — करीब एक वर्ष
  • बीएससी इन नॉटिकल साइंस — तीन वर्ष
  • बीटेक इन मरीन इंजीनियरिंग — चार वर्ष
  • ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग — करीब 8 से 12 महीने
  • इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर कोर्स — करीब चार महीने
  • जीपी रेटिंग — करीब छह महीने

मर्चेंट नेवी से जुड़े पाठ्यक्रमों के लिए इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग से मान्यता प्राप्त संस्थानों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

मर्चेंट नेवी में कितनी सैलरी मिलती है?

मर्चेंट नेवी में वेतन पद, अनुभव, जहाज और कंपनी के अनुसार काफी अलग-अलग हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कैडेट स्तर पर शुरुआती वेतन करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह से शुरू हो सकता है। चार वर्षीय पाठ्यक्रम के बाद अधिकारी बनने पर यह करीब 45 हजार से 90 हजार रुपये प्रतिमाह तक हो सकता है।

अनुभव बढ़ने के साथ वेतन में बड़ा इजाफा हो सकता है। कैप्टन और चीफ इंजीनियर जैसे वरिष्ठ पदों पर 8 से 15 लाख रुपये प्रतिमाह या उससे अधिक कमाई की संभावना बताई जाती है। हालांकि, यह निश्चित वेतन नहीं है और जहाज के प्रकार, कंपनी तथा अनुभव पर निर्भर करता है।

प्रमोशन के लिए क्या करना होता है?

मर्चेंट नेवी में अधिकारी पद पर आगे बढ़ने के लिए निर्धारित समुद्री अनुभव के साथ विभिन्न परीक्षाएं और प्रमाणपत्र जरूरी होते हैं। थर्ड ऑफिसर से सेकेंड ऑफिसर जैसे पदों पर आगे बढ़ने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ कॉम्पिटेंसी यानी सीओसी जैसी पात्रता हासिल करनी होती है।

इस करियर की चुनौतियां क्या हैं?

मर्चेंट नेवी में अच्छी कमाई और विदेश यात्रा के अवसर आकर्षक हैं, लेकिन इसके साथ कई चुनौतियां भी हैं। कर्मचारियों को कई महीनों तक समुद्र में रहना पड़ सकता है और परिवार से दूर रहना पड़ता है।

इस नौकरी के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस, अनुशासन, तकनीकी समझ और कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता जरूरी है। लंबे समय तक समुद्र में रहने के कारण अकेलापन और मानसिक दबाव भी महसूस हो सकता है।

कहां से करें मर्चेंट नेवी की पढ़ाई?

भारत में मर्चेंट नेवी के लिए कई मान्यता प्राप्त समुद्री प्रशिक्षण संस्थान हैं। इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी के अलावा डीजी शिपिंग से मान्यता प्राप्त संस्थानों से भी संबंधित पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं।

प्रमुख समुद्री शिक्षा संस्थानों में चेन्नई स्थित एएमईटी, पुणे का टोलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट और अन्य डीजी शिपिंग मान्यता प्राप्त संस्थान शामिल हैं।

क्या मर्चेंट नेवी आपके लिए सही करियर है?

अगर आपको समुद्र, तकनीक और यात्रा में रुचि है, लंबे समय तक घर से दूर रह सकते हैं, अनुशासित माहौल में काम करने के लिए तैयार हैं और शारीरिक-मानसिक रूप से फिट हैं, तो मर्चेंट नेवी आपके लिए अच्छा करियर विकल्प हो सकता है।

हालांकि, किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी डीजी शिपिंग मान्यता, पाठ्यक्रम, फीस, मेडिकल पात्रता और प्लेसमेंट रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लेना चाहिए।

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