रांची। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों का आमरण अनशन शनिवार को 15वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में कई छात्र अब भी अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार देर शाम सरकार के साथ छात्रों की वार्ता हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है।
अनशन पर बैठे छात्रों का कहना है कि सरकार के सामने उनकी मांगें स्पष्ट रूप से रखी जा चुकी हैं और अब सरकार को इस पर निर्णय लेना है। छात्रों ने उम्मीद जताई कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी।
शिबू सोरेन के सपनों का झारखंड बनाने की अपील
आंदोलन में छात्र दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर और कटआउट लेकर अपनी मांगों को उठा रहे हैं। अनशन कर रही छात्रा हबीबा ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने जिस झारखंड का सपना देखा था, आज का झारखंड वैसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि झारखंड को बने 26 वर्ष हो चुके हैं और यह अब युवा राज्य बन चुका है। शिबू सोरेन ने राज्य के निर्माण के लिए जिस तरह संघर्ष और मेहनत की, सरकार को उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए युवाओं के हित में काम करना चाहिए।
हबीबा ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता में छात्रों ने अपनी मांगें रख दी हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि समाधान में पेंच कहां है। छात्रों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांग जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में सुधार कर उन्हें भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की है। छात्र सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी कर रहे हैं।
अनशन स्थल पर छात्रों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि अब सरकार को तय करना है कि उनकी मांगों को कब और किस रूप में स्वीकार किया जाता है।
