रांची। एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट ‘डूरंड कप’ के 135वें संस्करण का रविवार को रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा स्टेडियम में भव्य आगाज हुआ। इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का आधिकारिक उद्घाटन झारखंड के खेल मंत्री सुदिव्य कुमार और राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने संयुक्त रूप से किया। रांची में ग्रुप ‘सी’ के मुकाबले खेले जा रहे हैं, जिसे लेकर स्थानीय फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जमशेदपुर एफसी का एकतरफा प्रदर्शन, श्रीलंका की टीम को दी करारी शिकस्त
टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (JFC) और श्रीलंका आर्मी की डिफेंडर्स फुटबॉल क्लब (DFC) आमने-सामने थीं। शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाते हुए जमशेदपुर एफसी ने श्रीलंका की टीम पर पूरी तरह दबाव बनाए रखा और 5-0 से एकतरफा धमाकेदार जीत दर्ज की। जमशेदपुर के फॉरवर्ड्स और मिडफील्डर्स के आगे डिफेंडर्स एफसी का रक्षापंक्ति पूरी तरह लाचार नजर आया।
1888 के बाद पहली बार रांची को मिली मेजबानी, सेना के जवानों ने मोहा मन
साल 1888 में शिमला से शुरू हुए डूरंड कप के इतिहास में यह पहला अवसर है जब रांची को इसकी मेजबानी का सौभाग्य मिला है। उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने अपने साहस, शौर्य और अनुशासन का अद्भुत प्रदर्शन किया। हेलीकॉप्टर शो और सैन्य बैंड की प्रस्तुतियों ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से दर्शकों के लिए प्रवेश बिल्कुल मुफ्त रखा गया है, वहीं एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में 2,000 से अधिक जवानों को तैनात कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
