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Wednesday, July 22, 2026

झारखंड में जल्द शुरू होगा पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग संस्थान

रांची। झारखंड जल्द ही पूर्वी भारत का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने दोनों पाठ्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री इनका औपचारिक शुभारंभ करेंगे।

पीपीपी मॉडल पर होगा पाठ्यक्रमों का संचालन

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ समझौता किया है। वहीं, एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए एआईएसईसीटी लिमिटेड, भोपाल के साथ करार किया गया है।

दोनों पाठ्यक्रमों का संचालन धनबाद स्थित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के आधारभूत ढांचे पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। इससे झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के युवाओं को विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।

एएमई में 60 सीटें, तीन साल का होगा कोर्स

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। यह तीन वर्षीय पाठ्यक्रम होगा, जिसकी कुल फीस 6 लाख रुपये होगी। शुल्क का भुगतान तीन वार्षिक किस्तों में 2-2 लाख रुपये के रूप में किया जा सकेगा।

वहीं, एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए छह माह और 12 माह अवधि के दो पाठ्यक्रम संचालित होंगे। दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें उपलब्ध रहेंगी। छह माह के पाठ्यक्रम की फीस 1,00,500 रुपये और 12 माह के डिप्लोमा पाठ्यक्रम की फीस 1,55,500 रुपये निर्धारित की गई है। इसमें ड्रेस, ग्रूमिंग किट और तैराकी प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा।

डीजीसीए की अनुमति के बाद शुरू होगी पढ़ाई

पाठ्यक्रमों का संचालन नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अनुमति मिलने के बाद शुरू किया जाएगा। एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई तय की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एसपी सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर विमानन क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि ये पाठ्यक्रम राज्य में कुशल विमानन मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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