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Wednesday, July 22, 2026

झारखंड में फिल्म प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, जेएफटीआई के लिए हुआ समझौता

रांची। झारखंड के होनहार और रचनात्मक युवाओं को फिल्म एवं टेलीविजन के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच बुधवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत झारखंड फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (जेएफटीआई) को विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह समझौता झारखंड के प्रतिभावान फिल्मकारों और कलाकारों के लिए नई यात्रा की शुरुआत है। इससे राज्य के युवाओं को नई तकनीक, विश्वस्तरीय सुविधाएं और राष्ट्रीय मंच उपलब्ध होगा।

झारखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई ऐसी प्रतिभाएं हैं, जिन्हें अभी तक उचित मंच नहीं मिल पाया है। हाल ही में संथाली फिल्म ‘आंगेन’ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है, जो राज्य की प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जेएफटीआई के माध्यम से कलाकारों को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को निखारने का काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट देश-दुनिया की प्रमुख संस्थाओं में शामिल है। इसके सहयोग से झारखंड के युवाओं को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई चर्चित फिल्मों की शूटिंग हुई है, जिनमें ‘दिल बेचारा’, ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और प्रतिभाओं के कारण फिल्म निर्माण की काफी संभावनाएं हैं।

छिपी प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं के लिए करियर के कई विकल्प उपलब्ध हैं। फिल्म, कला और रचनात्मक क्षेत्र में भी युवा अपनी पहचान बना सकते हैं। जेएफटीआई के माध्यम से राज्य के कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने डॉ. रामदयाल मुंडा की पंक्ति “जे नाची से बाची” का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के लोगों में कला और संस्कृति की गहरी प्रतिभा मौजूद है। कई कारणों से यह प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। अब इस संस्थान और सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट के सहयोग से ऐसे कलाकारों को खोजकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के कुलपति समीरन दत्ता ने भी संबोधित किया। उन्होंने समझौते के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

फिल्मकारों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के कई फिल्मकारों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त बीजू टोप्पो, संथाली फिल्म ‘आंगेन’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त रविराज मुर्मू, ‘बिलोंगिंग टू अनटचेबल गॉड’ और ‘द टर्टल स्टोरी’ के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त अनुज कुमार तथा कुड़ुख फिल्म ‘एडपा काना’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित निरंजन कुजूर शामिल रहे।

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