नई दिल्ली। फीफा ने विश्व कप 2026 के फाइनल के बाद स्पेन और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ के बीच हुई झड़प को लेकर अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल के बाद मैदान पर हुए विवाद की जांच फीफा अनुशासन समिति करेगी।
फाइनल के बाद मैदान पर हुआ विवाद
फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस के गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा पुरुष विश्व कप खिताब जीता। हालांकि मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई कहासुनी और हाथापाई ने मुकाबले की चर्चा बदल दी।
अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को स्पेन के पाउ कुबार्सी पर खतरनाक फाउल के कारण दूसरा पीला कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया था।
खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ पर लगे आरोप
मैच के बाद सामने आए वीडियो में अर्जेंटीना के लिएंड्रो परेडेस और नाहुएल मोलिना को स्पेन के एरिक गार्सिया और रोद्री के साथ विवाद करते देखा गया। वहीं अर्जेंटीना के सहायक कोच रोबर्टो आयाला पर भी स्पेन के दानी ओल्मो के साथ हाथापाई का आरोप लगा है।
स्थिति बिगड़ने पर अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी और दोनों टीमों के अन्य खिलाड़ी बीच-बचाव के लिए मैदान में पहुंचे।
फीफा अनुशासन संहिता के तहत होगी जांच
फीफा ने कहा है कि अनुशासन एवं नैतिकता अभियोजक को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के बाद फीफा अनुशासन समिति आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी जारी करेगी।
फीफा ने अपने बयान में कहा कि मैच रिपोर्ट और अनुशासन संहिता के अनुच्छेद 36 के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एंजो फर्नांडीज विश्व कप फाइनल में लाल कार्ड पाने वाले वर्ष 2010 के बाद पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 2010 विश्व कप फाइनल में नीदरलैंड्स के जॉन हाइटिंगा को स्पेन के खिलाफ फाइनल मुकाबले में लाल कार्ड मिला था।
