तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सटे होर्मोजगन प्रांत में शनिवार सुबह हुए अमेरिकी हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। वहीं, अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों से टकराने के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले का किया दावा
ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरानी सेना ने कुवैत और जॉर्डन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इनमें कुवैत के कैंप उदैरी, अली अल सलेम बेस और जॉर्डन के अल अजराक एयर बेस सहित कई सैन्य ठिकाने शामिल हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो वह जवाबी हमलों को और तेज करेगा। वहीं, कतर ने दोहा के पास मिसाइल हमले को रोकने की जानकारी दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में होर्मोजगन प्रांत के दो पुलों और एक सुरंग को निशाना बनाया गया। स्थानीय प्रशासन ने तीन लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने की जानकारी दी है।
आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने बुशहर के ऊपर एक एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया है। इसके अलावा उत्तरी हिंद महासागर में एक अमेरिकी जहाज को तट से समुद्र में मार करने वाली क्रूज मिसाइल से निशाना बनाने का भी दावा किया गया है।
खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता
अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। कतर ने उन खबरों को बेबुनियाद बताया है जिनमें कहा गया था कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने को तैयार है। वहीं, दुबई प्रशासन ने डाउनटाउन क्षेत्र में विस्फोट की खबरों को खारिज किया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका संघर्ष जारी रखता है तो तेहरान अपनी जवाबी कार्रवाई को और व्यापक कर सकता है।
