पूर्वी सिंहभूम। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर 16 जुलाई को जमशेदपुर में यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन ने रथ यात्रा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात परिवर्तन लागू करने के साथ दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। रथ यात्रा समाप्त होने के बाद पूर्व निर्धारित नो-एंट्री व्यवस्था फिर से लागू कर दी जाएगी।
उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक एहतेशाम वकारिब और यातायात पुलिस उपाधीक्षक नीरज की ओर से जारी संयुक्त आदेश में लोगों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इन मार्गों पर रहेगा यातायात परिवर्तन
रथ यात्रा के दौरान बिष्टुपुर की मुख्य सड़क पर सामान्य वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। वोल्टास से रीगल गोलचक्कर तक दोनों ओर का मार्ग भी बंद रहेगा।
वोल्टास से साकची जाने वाले वाहनों को खरकई रोड, मैला टंकी, तुलसी भवन, सोनेट होटल, धतकीडीह, लोयोला स्कूल और जुबली पार्क के रास्ते भेजा जाएगा। वहीं साकची से जुगसलाई जाने वाले वाहन रीगल गोलचक्कर, तुलसी भवन, मैला टंकी, खरकई रोड और वोल्टास गोलचक्कर होकर गुजरेंगे।
गोलमुरी से साकची और बिष्टुपुर आने वाले वाहनों को जेएनएसी चौक, नया रोड और करीम सिटी कॉलेज गोलचक्कर के रास्ते भेजा जाएगा। मानगो से बिष्टुपुर और जुगसलाई जाने वाले वाहन मरीन ड्राइव मार्ग का उपयोग करेंगे।
रथ यात्रा के साथ बदलते रहेंगे मार्ग
जब रथ यात्रा बड़े हनुमान मंदिर से मानगो चौक होते हुए डिमना चौक की ओर बढ़ेगी, तब साकची की ओर से आने वाले वाहनों को मानगो चौक से मानगो थाना और पारडीह चौक की ओर मोड़ा जाएगा।
इसके बाद रथ यात्रा डिमना चौक से ट्रांसपोर्ट नगर होते हुए राजस्थान भवन की ओर बढ़ने पर डिमना चौक आने वाले वाहनों को वहीं से पारडीह चौक की दिशा में भेजा जाएगा और आगे मानगो चौक की ओर मोड़ा जाएगा।
सुंदरनगर से साकची और बिष्टुपुर आने वाले वाहनों को करणडीह चौक, घाघीडीह जेल, पानी टंकी, मजार, केंद्रीय विद्यालय, चाईबासा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन मार्ग से भेजा जाएगा। दोपहिया वाहन मंदिर के बगल वाली गली से होकर मजार, केंद्रीय विद्यालय और चाईबासा बस स्टैंड के रास्ते रेलवे स्टेशन की ओर जा सकेंगे।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से रथ यात्रा मार्ग पर वाहन लेकर न आएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
