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Tuesday, July 14, 2026

नेपाल: मीडिया संस्थानों के बाहर संदिग्ध वाहनों की मौजूदगी पर सत्तारूढ़ दल आरएसपी ने जताई कड़ी चिंता

काठमांडू । नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) ने विभिन्न मीडिया संस्थानों के कार्यालयों के बाहर संदिग्ध और अज्ञात वाहनों को खड़े किए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी प्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और भय का माहौल पैदा करने का एक निंदनीय प्रयास करार दिया है। इस मामले में खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के करीबियों का नाम आने के बाद चौतरफा आलोचनाओं से घिरी आरएसपी ने बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है प्रेस को डराना: आरएसपी

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में आरएसपी के महासचिव बिपिन कुमार आचार्य ने कहा कि मीडिया हाउसों के बाहर अज्ञात वाहनों को खड़ा करना प्रेस को डराने-धमकाने का एक अस्वीकार्य प्रयास है। पार्टी ने प्रेस की स्वतंत्रता, नागरिकों के सूचना पाने के अधिकार और स्वतंत्र पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप या पत्रकारों में डर पैदा करने की कोशिश को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता ही लोकतंत्र की जीवनरेखा है।

गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल जांच की मांग

सत्तारूढ़ दल होने के बावजूद आरएसपी ने अपनी ही सरकार, गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों से इस पूरे घटनाक्रम की तत्काल, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां मीडिया संस्थानों की शारीरिक एवं मानसिक सुरक्षा सुनिश्चित करें और इस संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं। इसके साथ ही, पार्टी ने पत्रकारों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुके बिना तथ्यों पर आधारित अपनी स्वतंत्र पत्रकारिता जारी रखें।

क्या है पूरा विवाद?

गौरतलब है कि सोमवार को नेपाल के लगभग सभी प्रमुख मीडिया संस्थानों के मुख्य द्वारों (मेन गेट) के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में गाड़ियां पार्क कर दी गई थीं, जिससे मीडिया कर्मियों के आने-जाने और काम में बाधा उत्पन्न हुई। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में तब हड़कंप मच गया जब प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और गृहमंत्री सुदन गुरूंग के करीबी लोगों ने इस कृत्य को जायज ठहराना शुरू कर दिया। अपनों की ही संलिप्तता के कारण चौतरफा घिरी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) ने अब डैमेज कंट्रोल करते हुए इस आधिकारिक बयान के जरिए अपनी सफाई पेश की है।

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