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Tuesday, July 14, 2026

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को दो साल की जेल

सियोल । दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को मुफ़्त जनमत सर्वेक्षण मामले में सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने राजनीतिक चंदा कानून के उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए दो वर्ष की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके खिलाफ 13.96 मिलियन वॉन (करीब 8.93 लाख रुपये) जब्त करने का भी आदेश दिया है।

मुफ़्त जनमत सर्वेक्षण लेने का दोषी माना

सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, विशेष अभियोजक मिन जोंग-की की टीम ने आरोप लगाया था कि यून सुक येओल और उनकी पत्नी किम केओन ही ने अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के बीच पावर ब्रोकर म्युंग ताए-क्युन से करीब 270 मिलियन वॉन (करीब 1.72 करोड़ रुपये) मूल्य के 58 जनमत सर्वेक्षण मुफ़्त में प्राप्त किए थे।

हालांकि अदालत ने सभी आरोपों को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने माना कि यून सुक येओल ने इस अवधि में 14 जनमत सर्वेक्षण मुफ़्त में लिए, जो अवैध राजनीतिक फंडिंग के दायरे में आते हैं।

उम्मीदवार के समर्थन का भी आरोप

अदालत ने यह भी माना कि इन जनमत सर्वेक्षणों के बदले यून सुक येओल ने जून 2022 के संसदीय उपचुनाव में कंजर्वेटिव पीपल पावर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पूर्व सांसद किम यंग-सन के नामांकन का समर्थन करने का वादा किया था।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि इस मामले से राजनीति में जनता का भरोसा कमजोर हुआ है और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसलिए अपराध के अनुरूप सजा देना आवश्यक है।

सह-आरोपी को भी जेल, फैसले को दी जाएगी चुनौती

इसी मामले में पावर ब्रोकर म्युंग ताए-क्युन को भी 18 महीने की जेल की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष ने यून के लिए चार वर्ष और म्युंग के लिए तीन वर्ष की सजा की मांग की थी।

यह मामला पूर्व प्रथम महिला किम केओन ही से जुड़े अलग प्रकरण से अलग है, जिसमें उन्हें सियोल हाई कोर्ट ने आरोपों से बरी कर दिया था। उस फैसले के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने अपील की है। वहीं, यून सुक येओल के वकीलों ने भी मौजूदा फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि यून सुक येओल पहले से ही कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2024 में मार्शल लॉ लागू करने की असफल कोशिश से जुड़े विद्रोह के मामले में उन्हें पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।

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