लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक में इसके अलावा खेल, स्वास्थ्य, नगर विकास और होमगार्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
जनभावना और पौराणिक महत्व के आधार पर बदला नाम
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर स्थित नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। इसका उल्लेख पौराणिक ग्रंथों और कथाओं में भी मिलता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मांग पर केंद्र सरकार से अनापत्ति मिलने के बाद कैबिनेट ने जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सीधी भर्ती
कैबिनेट ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत क्रीड़ाधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 और उप क्रीड़ाधिकारी के 23 पदों पर सीधी नियुक्ति की जाएगी।
कई अन्य अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
बैठक में गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के लिए म्यूनिसिपल बॉण्ड जारी करने तथा अवस्थापना विकास निधि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। गोरखपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के 100 बेड वाले अस्पताल की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने, उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।
