जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई एक रूह कंपा देने वाली वारदात का पुलिस ने महज 14 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुंवर अनुपम सिंह के निर्देशन में मड़ियाहूं पुलिस ने रविवार देर रात एक मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी हेमल खखरिया उर्फ दिलीप (42) को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मोबाइल चैट के विवाद में सोते समय रेता गला
क्षेत्राधिकारी (CO) मड़ियाहूं विजय चौधरी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रविवार को रानीपुर बाईपास के पास झाड़ियों से एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव (धड़) बरामद हुआ था। पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती गईं:
-
विवाद की वजह: आरोपी ने पूछताछ में कुबूल किया कि वह 4 जुलाई को मृतका रेशमा खां उर्फ सना को वाराणसी के बाबतपुर से अपने किराए के कमरे पर लाया था। वहां मोबाइल चैट को लेकर दोनों में तीखी बहस हुई।
-
शव के किए टुकड़े: विवाद बढ़ने पर आरोपी ने सोते समय चाकू से गला रेतकर रेशमा की हत्या कर दी। पहचान छुपाने के लिए उसने गड़ासे से शव के हाथ-पैर काटकर तीन टुकड़े किए। धड़ को बाईपास के पास और बाकी अंगों को रामनगर ब्लॉक की एक पुलिया के पास फेंक दिया।
घेराबंदी पर पुलिस पर ही झोंक दी फायरिंग
मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने जब रामनगर ब्लॉक गेट के पास घेराबंदी की, तो आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर अवैध असलहे से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी हेमल घायल हो गया और दबोच लिया गया। पुलिस ने हत्यारे की निशानदेही पर शव के गायब अंग, मर्डर में इस्तेमाल चाकू व गड़ासा, एक .32 बोर की पिस्टल, जिंदा कारतूस, मृतका का मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। आरोपी पर हत्या, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
