लद्दाख, लेह : राज्य-त्व (Statehood) और संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के विस्तार की मांग करते हुए चल रहे आंदोलन ने लेह में हिंसक रूप ले लिया है। इस अशांत माहौल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी १५-दिनों से चले भूख हड़ताल को वापस ले लिया है। उन्होंने युवा वर्ग को हिंसा से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह कदम आंदोलन के उद्देश्य को नुकसान पहुंचा रहा है।
वांगचुक ने इस आंदोलन को “जेन-जी क्रांति” कहा है, और कहा कि यहाँ के युवाओं को पिछले पाँच वर्षों से बेरोजगारी की समस्या झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन इस कदर तूल पकड़ चुका था कि आज लेह में लगभग पूरे शहर में बंद रहा। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, कुछ सरकारी कार्यालयों और वाहनों में आग लगाने की घटनाएँ हुईं। इसमें भाजपा कार्यालय भी निशाने पर रहा।
वांगचुक ने सरकार से भी गुहार लगाई है कि लद्दाख के युवाओं की अपेक्षाओं और उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मंच, संवाद और शांतिपूर्वक प्रदर्शन ही सही रास्ता हैं। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं।


