खूंटी। समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) सभागार में सोमवार को उपायुक्त (DC) मो. जावेद हुसैन की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग और जिला बाल संरक्षण इकाई की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर, पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन, कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति और बाल संरक्षण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
नए भवनों के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया में लाएं तेजी
उपायुक्त ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों और सरकारी भवनों में अब तक संचालित न हो रहे केंद्रों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए भवनों के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए रिक्त पड़े सेविका के पदों पर लंबित चयन प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
पोषण ट्रैकर और ई-केवाईसी (e-KYC) पर विशेष जोर
बैठक में ‘पोषण ट्रैकर’ की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने तकनीक के इस्तेमाल पर बल दिया:
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सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) लागू करने के निर्देश दिए गए।
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गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर e-KYC कराने और इससे जुड़े लंबित मामलों का जल्द निष्पादन करने को कहा गया।
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इसके अलावा, टेक होम राशन (THR) वितरण, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) निर्माण और एबीएचए (ABHA) सत्यापित लाभुकों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कुपोषित बच्चों की पहचान और मातृ वंदना योजना
उपायुक्त ने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए ‘मालन्यूट्रीशन ट्रीटमेंट सेंटर’ (MTC) में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें सही उपचार से जोड़ने और वहाँ शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, वन स्टॉप सेंटर और ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) के प्रभावी संचालन के निर्देश भी दिए।
चाइल्ड हेल्पलाइन को अलर्ट रहने के निर्देश, सार्वजनिक स्थलों पर होगी निगरानी
बाल संरक्षण योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर ‘बाल कल्याण समिति’ (CWC) के समक्ष पेश किया जाए।
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उन्होंने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया जाए।
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चाइल्ड हेल्पलाइन को पुलिस थानों के साथ बेहतर समन्वय (तालमेल) स्थापित करने को कहा गया है।
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बस पड़ाव (बस स्टैंड), हाट-बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित निरीक्षण (जांच) करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाल श्रम और बाल विवाह जैसे मामलों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO), जिला बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाओं सहित संबंधित विभागों के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
