चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। करूर विधानसभा क्षेत्र से अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के विधायक और पूर्व मंत्री एम.आर. विजयभास्कर ने अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही राज्य विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया इस्तीफा
एम.आर. विजयभास्कर सोमवार को सचिवालय पहुंचे और विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। विधानसभा अध्यक्ष ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के बाद इस्तीफा स्वीकार कर लिया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि विधानसभा नियम-21 के तहत विधायक ने स्वयं हस्ताक्षरित इस्तीफा प्रस्तुत किया था। नियम-22 के अनुसार आवश्यक जांच में इस्तीफा स्वैच्छिक और विधिसम्मत पाया गया, जिसके बाद उसे स्वीकार कर लिया गया।
सात पहुंची रिक्त सीटों की संख्या
एम.आर. विजयभास्कर के इस्तीफे से पहले तमिलनाडु विधानसभा की छह सीटें रिक्त थीं। अब रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इसे लेकर संभावित उपचुनावों और राज्य की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हाल के महीनों में कई विधायकों के इस्तीफों ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचाई है। मुख्यमंत्री विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली (पूर्व) दोनों सीटों से चुनाव जीतने के बाद तिरुचिरापल्ली (पूर्व) विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था।
इसके अलावा अन्नाद्रमुक के टिकट पर निर्वाचित मरगथम कुमारवेल (मदुरांतकम), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई) और पी. सत्यभामा (धारापुरम) ने 25 मई को विधायक पद छोड़कर तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण की थी। वहीं अंबासमुद्रम से विधायक इसक्की सुब्बैया ने 26 मई को इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने की घोषणा की थी। विरालिमलाई से विधायक एवं पूर्व मंत्री सी. विजयभास्कर ने भी 16 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था और उनके भी जल्द टीवीके में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
एम.आर. विजयभास्कर के इस्तीफे के बाद तमिलनाडु विधानसभा में अन्नाद्रमुक विधायकों की संख्या घटकर 41 रह गई है। लगातार हो रहे इस्तीफों ने राज्य की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित उपचुनावों को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है।
