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Monday, June 29, 2026

झारखंड की बेटियों का कमाल: भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में 3 खिलाड़ियों का चयन

रांची। झारखंड की महिला हॉकी के लिए एक बार फिर बड़ा और ऐतिहासिक क्षण आया है। राजधानी रांची के ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बरियातू हॉकी सेंटर’ की तीन होनहार खिलाड़ियों— बिनीमा धान, पार्वती टोप्पो और रोशनी आइंद का चयन भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है। ये तीनों बेटियां आगामी इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन करेंगी।

इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में खेलेंगी 7 अंतरराष्ट्रीय मैच

भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का यह महत्वपूर्ण विदेश दौरा 5 से 14 जुलाई तक आयोजित होने जा रहा है। इस दौरे के दौरान भारतीय टीम कुल सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलेगी। यूरोपीय टीमों के खिलाफ और वहां की पिचों पर खेलने का यह अनुभव इन युवा खिलाड़ियों के खेल कौशल और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

प्रतिभाओं की खान बना बरियातू हॉकी सेंटर

बरियातू हॉकी सेंटर लंबे समय से झारखंड में महिला हॉकी की प्रतिभाओं को निखारने का सबसे प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ से निकली कई खिलाड़ी पहले भी सीनियर और जूनियर भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ तीन खिलाड़ियों का राष्ट्रीय जूनियर टीम में चुना जाना इस सेंटर की मजबूत और बेहतरीन प्रशिक्षण व्यवस्था का नतीजा है।

हॉकी झारखंड और कोच ने दी बधाई

खिलाड़ियों की इस सफलता पर खेल जगत में खुशी की लहर है:

“यह पूरे झारखंड के लिए बेहद गर्व का क्षण है। बरियातू हॉकी सेंटर लगातार राष्ट्रीय टीम को बेहतरीन खिलाड़ी दे रहा है, जो राज्य में जमीनी स्तर पर हो रहे अच्छे प्रशिक्षण का जीवंत प्रमाण है। हमें पूरा विश्वास है कि बिनीमा, पार्वती और रोशनी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी।” – विजय शंकर सिंह, महासचिव (हॉकी झारखंड)
“तीनों खिलाड़ियों ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए मैदान पर दिन-रात कड़ी मेहनत की है। उनका नियमित अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण ही उन्हें यहाँ तक लाया है। यह विदेशी दौरा उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा।” – करुणा पूर्ति, कोच (बरियातू हॉकी सेंटर)

युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा

झारखंड की इन तीन बेटियों का चयन यह साबित करता है कि राज्य में हॉकी की नई पौध तेजी से तैयार हो रही है। इस सफलता से राज्य के अन्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को भी यह प्रेरणा मिलेगी कि कड़ी मेहनत और पक्के इरादों के दम पर अंतरराष्ट्रीय फलक तक का सफर तय किया जा सकता है।

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