नोएडा। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार को डबल करने के लिए एक और मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ‘महायोजना/मास्टर प्लान 2041’ के तहत ‘हाथरस अर्बन सेंटर’ पर काम शुरू कर दिया है। इसे एक बेहद आधुनिक, औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, जो आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा डेस्टिनेशन बनेगा।
10 हजार एकड़ में बसेगा नया शहर, 50 से अधिक गांव शामिल
यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष रूप से एक बड़े इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर चुना गया है।
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इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को नोटिफाई (अधिसूचित) किया गया है।
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इस नए शहर का कुल क्षेत्रफल लगभग 4 हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा।
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इसके सुनियोजित विकास के लिए ‘आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड’ को नियुक्त किया गया है, जो जीआईएस (GIS) तकनीक पर आधारित नक्शों से इसका खाका तैयार कर रही है।
चार प्रमुख जोन में बंटा होगा ‘हाथरस अर्बन सेंटर’
मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अत्याधुनिक शहर को चार मुख्य श्रेणियों में प्लान किया गया है:
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औद्योगिक जोन: यहाँ मुख्य रूप से फैक्ट्रियां और भारी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) इकाइयां स्थापित होंगी।
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आवासीय क्षेत्र: यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों और आम लोगों के लिए आधुनिक सोसायटियाँ, फ्लैट्स और किफायती आवास बनेंगे।
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कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स हब: व्यापार को बढ़ावा देने के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल और विशाल वेयरहाउस बनाए जाएंगे।
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ग्रीन बेल्ट: पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तरह हरा-भरा और खुला रखा जाएगा।
शानदार कनेक्टिविटी: जेवर एयरपोर्ट और आगरा के करीब
भौगोलिक दृष्टि से यह नया शहर बेहद मजबूत स्थिति में है। यह सीधे नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक स्पेशल एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क बना रहा है। इसके अलावा, यह यमुना एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा हाईवे और स्टेट हाईवे-33 से बेहतरीन तरीके से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक ‘सैटेलाइट टाउन’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगरा का औद्योगिक दबाव कम होगा।
हींग, गुलाल और एमएसएमई (MSME) को मिलेंगे ग्लोबल पंख
हाथरस में वर्तमान में सक्रिय 10 हजार से अधिक पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों को यहाँ वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
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‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत हाथरस की मशहूर हींग और गुलाल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पैकेजिंग और एक्सपोर्ट हब की सुविधाएं दी जाएंगी।
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ब्रज क्षेत्र की खेती को देखते हुए यहाँ बड़े कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी प्लांट्स लगाए जाएंगे।
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रेडीमेड गारमेंट्स (होजरी), कांच के मोती (ग्लास बीड्स), पीतल के आभूषण (पायल), मशीन टूल्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पार्ट्स के लिए विशेष ब्लॉक बनेंगे। अगले चरण में मेडिकल-सर्जिकल उपकरण बनाने वाली वैश्विक कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी?
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) आरके सिंह ने बताया कि इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।
