इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची में शनिवार रात सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर हुए भीषण आतंकी हमले में तीन जवानों की जान चली गई। सुरक्षा बलों की त्वरित और जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकवादी मारे गए, जबकि एक हमलावर को घायल अवस्था में जिंदा पकड़ लिया गया है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर (ISPR) ने इस हमले की पुष्टि की है।
यह हमला प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े गुट ‘जमात-उल-अहरार’ ने शनिवार रात लगभग 8:30 बजे कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित रेंजर्स मुख्यालय पर किया।
गेट से गाड़ी टकराकर आतंकियों ने शुरू की अंधाधुंध फायरिंग
सिंध के पुलिस महानिरीक्षक जावेद आलम ओधो ने बताया कि हमलावरों ने सबसे पहले अपनी गाड़ी को रेंजर्स परिसर के मुख्य गेट से टकरा दिया और फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट के कमांडो, एंटी-टेररिस्ट फोर्स और रेंजर्स के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आतंकियों को घेर लिया। दोनों तरफ से हुई भीषण गोलीबारी में रेंजर्स के तीन जवान शहीद हो गए।
एक आत्मघाती हमलावर सहित 5 आतंकी ढेर, एक जिंदा पकड़ाया
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान पांच आतंकवादी मौके पर ही मारे गए। तलाशी अभियान के दौरान एक और आतंकी का शव मिला है, जिसके आत्मघाती हमलावर होने की आशंका है। इसके अलावा, एक गंभीर रूप से घायल आतंकवादी को सुरक्षा बलों ने जिंदा दबोच लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
खैबर पख्तूनख्वा का कुख्यात गुट ‘जमात-उल-अहरार’ शामिल
इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी टीटीपी (TTP) से संबद्ध जमात-उल-अहरार ने ली है। यह आतंकी गुट मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सक्रिय रहा है और लगातार आम नागरिकों, सुरक्षाकर्मियों तथा सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाता आ रहा है।
कराची में पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले
कराची में सुरक्षा बलों और वीआईपी ठिकानों पर पहले भी कई बड़े हमले हो चुके हैं:
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अक्टूबर 2024: कराची हवाई अड्डे के पास बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमला किया था, जिसमें भारी नुकसान हुआ था।
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फरवरी 2023: शाहराह-ए-फैसल स्थित कराची पुलिस कार्यालय (KPO) पर टीटीपी के आतंकियों ने हमला कर चार लोगों की हत्या कर दी थी।
मई महीने में बढ़े रिकॉर्ड आतंकी हमले
‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज’ की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में जहां 101 आतंकी हमले दर्ज किए गए थे, वहीं अकेले मई महीने में यह संख्या बढ़कर 128 तक पहुंच गई।
