नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश के कई बड़े नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न पी.वी. नरसिम्हा राव की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की आर्थिक प्रगति में उनके ऐतिहासिक योगदान और कुशल नेतृत्व को याद करते हुए नेताओं ने उन्हें एक दूरदर्शी राजनेता बताया।
लोकसभा अध्यक्ष और पीएम मोदी ने किया नमन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा:
“पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न दिवंगत पी.वी. नरसिम्हा राव की जयंती पर सविनय नमन। देश की प्रगति के लिए नीति निर्माता के रूप में उन्हें सदैव याद किया जाएगा।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने देश के इतिहास के एक अहम दौर में भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एक कुशल प्रशासक के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। वे एक विद्वान भी थे और उन्हें भारत की विविध संस्कृति का गहरा ज्ञान और समझ थी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया ‘दूरदर्शी नेता’
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने देश के विकास में पी.वी. नरसिम्हा राव की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक दूरदर्शी नेता और राजनेता के तौर पर पी. वी. नरसिम्हा राव ने भारत की आर्थिक यात्रा में एक अहम भूमिका निभाई। देश के लिए उनके योगदान और उनके जीवन को हमेशा याद किया जाएगा।
मल्लिकार्जुन खरगे बोले- आर्थिक उदारीकरण से मिली विकास को गति
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री के आर्थिक और रणनीतिक फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पी. वी. नरसिम्हा राव की सरकार द्वारा शुरू किए गए क्रांतिकारी आर्थिक उदारीकरण ने विकास की गति बढ़ाई, मध्यम वर्ग के लिए अवसर बढ़ाए और देश को दीर्घकालिक विकास की राह पर अग्रसर किया। उनके कार्यकाल में भारत के परमाणु कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रगति हुई और दूरदर्शी कूटनीतिक पहलें की गईं, जिनमें ऐतिहासिक ‘लुक ईस्ट’ नीति भी शामिल है।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया ‘तेलंगाना का गौरव’
केंद्रीय कोयला एवं खानमंत्री जी किशन रेड्डी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि तेलंगाना राज्य के गौरवशाली सपूत और हमारे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न पी.वी. नरसिम्हा राव गारू को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूँ। एक दूरदर्शी, विद्वान और बेहतरीन प्रशासक के तौर पर, देश की प्रगति और हैदराबाद मुक्ति संग्राम में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
