रांची। भारत सरकार की 10-बेड आईसीयू परियोजना से जुड़ी ईगो फाउंडेशन की प्रतिनिधि Bisoya Loitongbam ने गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित केंद्रीय रेडियोलॉजी विभाग और केंद्रीय रेडियोलॉजी हब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टेली रेडियोलॉजी आधारित स्वास्थ्य सेवा मॉडल की सराहना करते हुए इसे डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही विशेषज्ञ सेवाएं
केंद्रीय रेडियोलॉजी हब के प्रभारी Anish Choudhary ने हब की कार्यप्रणाली, टेली रेडियोलॉजी रिपोर्टिंग प्रणाली और राज्य के विभिन्न जिलों एवं सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एकीकृत कर त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मॉडल दूरदराज के क्षेत्रों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
निरीक्षण के दौरान बिसोया लोइतोंगबाम ने कहा कि केंद्रीय रेडियोलॉजी हब झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक प्रभावी और नवाचारपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह व्यवस्था राज्य के दूरस्थ जिलों तक विशेषज्ञ रेडियोलॉजी सेवाएं पहुंचाने में काफी सहायक सिद्ध होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
मौके पर मौजूद सदर अस्पताल रांची के उपाधीक्षक, शल्य चिकित्सक एवं केंद्रीय रेडियोलॉजी हब के समन्वयक Akhilesh Jha ने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और उन्हें अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अस्पताल के कई अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित थे।
