नोएडा। जिले के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग एप (सट्टा ऐप) के जरिए मासूम लोगों को जाल में फंसाकर मोटी रकम ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने बीती रात सेक्टर-122 के एक घर पर छापा मारकर तीन शातिर आरोपितों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण, सिम कार्ड और एटीएम बरामद
अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। तलाशी में आरोपितों के कब्जे से 15 सिम कार्ड, 4 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 35 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 मेट्रो कार्ड, 9 चेकबुक, 4 पासबुक, एक वाई-फाई राउटर और एक लेनोवा कंपनी का टैबलेट जब्त किया गया है।
रकम दोगुनी करने का विज्ञापन देकर जाल में फंसाते थे आरोपित
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक विज्ञापन देकर लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच देता था। आरोपित पीड़ितों को अपनी फर्जी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप से जोड़ते थे। शुरुआत में कुछ मुनाफे का झांसा देकर जब लोग बड़ी रकम दांव पर लगा देते थे, तो ये आरोपित उनके पैसे फ्रीज (ब्लॉक) कर धोखाधड़ी से पूरी रकम हड़प लेते थे।
उच्च शिक्षित युवा चला रहे थे सट्टे का अवैध नेटवर्क
पकड़े गए आरोपितों में प्रमांशु कुमार पॉलिटेक्निक का छात्र है, जबकि प्रदीप सिंह बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुका है। इनका तीसरा साथी कुलदीप सिंह इंटरमीडिएट पास है। ये तीनों अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और नोएडा में किराए पर रहकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और अब इनके बैंक खातों व अन्य पीड़ितों की कुंडली खंगाल रही है।
