पंचमहल (गुजरात), 19 जून। गुजरात के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक तीर्थस्थल पावागढ़ में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ी पर स्थित पाटियापुल के पास अचानक भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा गिरने से कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मलबे में फंसे पांच अन्य लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
शुरुआती बारिश के बीच अचानक हुआ भूस्खलन
घटनाक्रम को लेकर बताया जा रहा है कि क्षेत्र में हो रही मानसून की शुरुआती बारिश के कारण पावागढ़ पहाड़ी पर पानी का बहाव बेहद तेज था। इसी तेज बहाव और नमी के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया और बड़े-बड़े पत्थर व मलबा नीचे आ गिरा।
जिस वक्त यह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, उस समय कई श्रद्धालु पाटियापुल के समीप से गुजर रहे थे, जो अचानक आए इस मलबे के नीचे दब गए। चट्टानें गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
युद्धस्तर पर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
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त्वरित कार्रवाई: हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया। पावागढ़ रोप-वे की इमरजेंसी रेस्क्यू टीम, स्थानीय पुलिस और हालोल फायर विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।
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पांच लोगों को मिला जीवनदान: रेस्क्यू टीमों ने मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद पांच लोगों को मलबे से सुरक्षित जिंदा निकाल लिया गया।
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अस्पताल में इलाज जारी: बचाए गए सभी पांचों घायल श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज के लिए हालोल रेफरल अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका उपचार जारी है। हालांकि, दो श्रद्धालुओं को बचाया नहीं जा सका।
पहाड़ी इलाकों में बढ़ा खतरा
स्थानीय सरपंच पति रवि गढ़वी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से मलबे में फंसे लोगों को समय रहते निकाला जा सका। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से इस पूरे क्षेत्र के मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से पहाड़ी रास्तों और ढलानों पर भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। इस दुखद घटना के बाद पावागढ़ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
